जज लोया का केस दूसरी बेंच के पास भेजा सकता है

नई दिल्ली ( 17 जनवरी ):  सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जजों के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर आरोप लगाया था, जिसके बाद घटनाक्रम के बीच जस्टिस बी. एच. लोया की संदिग्ध मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट की किसी दूसरी बेंच में जा सकता है। ऐसे संकेत मंगलवार को जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने दिए।

जस्टिस मिश्रा और जस्टिस मोहन एम. शांतनागौदार की बेंच ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान कहा, 'सभी दस्तावेज अगले 7 दिनों के अंदर ऑन रेकॉर्ड रखे जाएं और अगर ये दस्तावेज उपयुक्त पाए जाते हैं तो उसकी प्रति याचिकाकर्ताओं को भी मुहैया कराई जाए। इसे उचित बेंच के समक्ष रखा जाए।' जजों के इस कथन से अब ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अब यह केस किसी और बेंच के पास भेजा जा सकता है। 

बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के 4 सबसे वरिष्ठ जजों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही बेंच के इस आदेश की आशंका जताई जा रही थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में चारों जजों ने अपने बागी होने के पीछे CJI द्वारा जस्टिस लोया की मौत की जांच वाली जनहित याचिका जज अरुण मिश्रा को सौंपे जाने को भी एक वजह बताया था।