जुपिटर के राज खोलेगा जूनो!

नई दिल्ली(14 जुलाई): वहां पहुंचना एक सपना था। उसके करीब जाना एक सोच थी और वो कर दिखाना भी एक सपने की तरह है। जी हां.. सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह जिसमें पृथ्वी जैसे 11 ग्रह समा सकते हैं.. वहां इंसान पहुंच गया है.. वैज्ञानिकों ने मानवरहित अंतरिक्ष यान जूनो को जुपिटर की कक्षा में स्थापित कर दिया है.. और जूनो ने करीब 3 अरब किलोमीटर दूर से पहली तस्वीर भी भेजी है। यानी अब जुपिटर के राज़ खोलेगा जूनो।

अरबों साल पुराने सौरमंडल के एक-एक राज़ अब बेपर्दा होंगे.. सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति की कक्षा में जैसे ही इंसान का बनाया हुआ मानवरहित अंतरिक्ष यान जूनो पहुंचा। अपनी धड़कनें तक रोककर बैठे वैज्ञानिकों के चेहरों पर ख़ुशी की लहर दौड़ गई.. हर कोई एक-दूसरे को बधाई देने में जुट गया।

5 साल पहले फ्लोरिडा के केप कैनेवरल से जूनो ने जुपिटर के लिए उड़ान भरी थी.. जूनो लगातार 5 साल तक उड़ता रहा था... और 2 अरब 70 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बृहस्पति की कक्षा में स्थापित हो गया.।

जुपिटर तक जूनो का पहुंचना बहुत नाटकीय रहा है। जूनो जब लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा था तब रॉकेट के इंजन में आग लग गई थी.. इस वजह से इसकी रफ्तार काफी कम हो गई थी। ये अपनी कक्षा से हलका फिसल गया था.. स्पेसक्राफ्ट में कैमरा और दूसरे उपकरण बंद हो गए थे.. लेकिन कुछ दिन पहले ही जूनो ने भेजी जुपिटर की सबसे पहली तस्वीर.. ये सौरमंडल के सबसे बडे ग्रह के सबसे पास से ली गई तस्वीर है..  जूनो से आयी इस तस्वीर में ग्रह के वायुमंडलीय फीचर्स को देखा जा सकता है जिसमें ग्रेट रेड स्पॉट के साथ ज्यूपिटर के चार बड़े चंद्रमाओं में से तीन- लो यूरोपा और गैनिमेड की फोटो है.. इस वक्त जूनो की जुपिटर से दूरी करीब 5 हज़ार किलोमीटर है.. इस तस्वीर में जुपिटर पीले रंग में चमकीला दिख रहा था.. नासा के इस मिशन पर 1 अरब डॉलर का ख़र्च आया है.. ये अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में एक मील का पत्थर है.. और नासा के लिए बहुत बड़ी कामयाबी।

वैज्ञानिकों के लिए ये बहुत बड़ी कामयाबी है.. क्योंकि बृहस्पति जैसे ग्रह तक पहुंचना इतना आसान नहीं था.. ये अब तक वैज्ञानिकों के लिए एक अविश्वसनीय कल्पना है.. जो अपने अंदर गहरे राज़ समेटे हुए है.. सवाल उठता है कि आख़िर जुपिटर इतना रहस्यमयी कैसे है।

जुपिटर सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह है.. जो कई तरह की गैसों से बना हुआ है.. यही वजह है कि इसे Gas Giant भी कहा जाता है.. लेकिन सवाल है कि आख़िर जूनो अब जुपिटर के राज़ कैसे खोलेगा.. क्या जुपिटर से अब ब्रह्माण्ड के अनगिनत रहस्य भी सामने आएंगे।