आतंक पर पाक को जुडीशियल कमीशन ने किया बेनकाब

नई दिल्ली (17 दिसंबर): क्वेटा में हुए आत्मघाती हमले की जांच के लिए हने सुप्रीमकोर्ट के आयोग ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को न केवल बेनकाब किया है बल्कि दोहरी नीतियों की जमकर बखिया उधेड़ी है। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक क्वेटा में इस साल अगस्त में हुए आत्मघाती हमले की जांच के लिए बने आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को अपने पाखंडी रवैये को बंद करना चाहिए। आयोग ने यह भी कहा, 'आतंकवादी संगठनों को रैलियां और बैठक करने की इजाजत नहीं होनी चाहिेए। लोगों को इसके बारे में जानकारी दी जानी चाहिए कि ऐसे संगठनों को क्यों प्रतिबंधित किया गया।'

आयोग की अध्यक्षता करने वाले जज ने कहा कि आतंकी संगठनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। ऐसे संगठनों के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून (एटीए) सिर्फ कहने के लिए नहीं बल्कि सच्ची भावना के साथ लागू करना चाहिए। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'अगर पाकिस्तान अमन और अलग-अलग धर्मों के बीच सदभाव चाहता है तो कानून और संविधान को फिर से स्थापित करना होगा। 

डॉन ने लिखा है कि आयोग ने 21 अक्टूबर को गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान की 3 प्रतिबंधित संगठनों के मुखियाओं के साथ मुलाकात को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है। खान ने सिपाही सहाबा पाकिस्तान, मिल्लत-इ-इस्लामिया और अहले सुन्नत वल जमात के प्रमुखों से मुलाकात की थी। ये तीनों संगठन प्रतिबंधित हैं। क्वेटा हमले में 74 लोगों की मौत हुई थी। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों वाली एक बेंच के सामने 110 पेज की अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर दी है।