जजों की नियुक्ति का मामला: सरकार और न्यायपालिका फिर आमने सामने, SC में हुई तीखी बहस

नई दिल्ली (04 मई): सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्तियों को लेकर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच चल रही खींचतान शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में उस समय खुल कर सामने आ गई जब केन्द्र ने उच्च न्यायालयों में रिक्त स्थानों पर नियुक्तियों के लिये थोड़े नामों की सिफारिश करने पर कोलेजियम पर सवाल उठाये। शीर्ष अदालत ने भी इसके जवाब में कोलेजियम द्वारा की गयी सिफारिशें लंबित रखने के लिये केन्द्र को आड़े हाथ लिया।

न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल से कहा , ‘‘ हमें बतायें, कितने नाम ( कोलेजियम द्वारा की गयी सिफारिशें ) आपके पास लंबित हैं। ’’अटार्नी जनरल ने जब यह कहा, ‘‘मुझे इसकी जानकारी हासिल करनी होगी ’’ तो पीठ ने व्यंग्य करते हुये कहा जब यह सरकार पर आता है तो आप कहते हैं कि हम मालूम करेंगे।

सरकार और न्यायपालिका के बीच ये खुला वाद विवाद शुक्रवार को न्यायमूर्ति मदन बी. लोकूर और दीपक गुप्ता की अदालत में उस समय हुआ जब उत्तर पूर्वी राज्यो के उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की कमी और जजों के खाली पड़े पदों का मामला उठा।