जज ने बेसहारा बुजुर्गों के लिए खाली कर दिया अपना सरकारी बंगला

नई दिल्ली (13 जुलाई): ऐसी नाउम्मीदियों वाले दौर में मध्य प्रदेश के वो जज साहब भी हैं जो अपने एक फैसले से चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं। जज साहब ने अपना सरकारी बंगला बेसहारा बुजुर्गों के खाली कर दिया। इलाके के लोग कह रहे हैं ये इंसाफ याद रहेगा जज साहब।

फिर से थोड़ा संवरने का दिल करने लगा है। थोड़ा बाल वाल काढ़ लें तो क्या अच्छा रहे। क्या हुआ जो उम्र बढ़ गई है, उन जज साहब ने एक बार फिर से जीने का नया जज्बा दे दिया है। अब तो इस जाती हुई जिंदगी के आने वाले दिन का रोज इंतजार रहता है। जज साहब के इस इंसाफ पर आंखें गीली हो जाती हैं।

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के ये बुजुर्ग अपनों से ठुकराए हुए हैं। इसी दुनिया में नाती पोतों से भरापूरा परिवार है लेकिन इन्हें हिस्सेदार बनाने को तैयार नहीं। पूरी जिंदगी जिनकी परवरिश में दिनरात एक कर दी आखिरी वक्त में वही एक छत का आसरा तक देने को तैयार नहीं। इन ठुकराए हुए बुजुर्गों को श्योपुर के प्रेरणा वृद्धाश्रम ने जगह दी। लेकिन वृद्धाश्रम खुद अपने आखिरी दौर में है। 

बारिश के दिनों में छतें टपकती है। दिन तो किसी तरह से काट लेते रात काटनी मुश्किल होती।  श्योपुर के जिला जज शिशिर चौबे को पता चला तो उन्हें नींद नहीं आई। कोई अपील नहीं, कोई दलील नहीं, अगले दिन अदालत जाने से पहले सीधे फैसला कर दिया। मेरा सरकारी बंगला बुजुर्गों कीरिहाइश में तब्दील कर दिया जाए। 

दरअसल श्योपुर जिला जज शिशिर चौबे एक दिन प्रेरणा वृद्धाश्रम में बुजुर्गों का हाल चाल लेने आए थे। उनलोगों को तकलीफ देखी तो रहा नहीं गया। कोई तीस बुजुर्ग अपनी जिंदगी के आखिरी दौर में बड़ी बुरी हालत में रह रहे थे। जिला जज के हाथ में और कुछ तो था नहीं सो अपना सरकारी बंगला ही इन्हें दे दिया।

जिला जज शिशिर चौबे ने अपने सरकारी बंगले को वृद्धाश्रम में बदलने की सिफारिश जिले के कलेक्टर से की थी। कलेक्टर ने कोई देर नहीं की। फौरन आदेश दिया। जज साहब के हुक्म की फौरन तामील हो। बंगले में अब बेआसरा बुजुर्ग रहेंगे। 

जज साहब के सरकारी बंगले में पांच कमरे हैं। पांचों में कूलर पंखे लगे हैं। बाथरुम में गर्म पानी के लिए गीजर लगा है। ठंडे पानी के लिए कूलर का इंतजाम भी है। और मन बहलाने के लिए एलईडी टीवी भी लगा है। अब ये सारी सुविधाएं इन बुजुर्गों के लिए है। जज साहब का तबादला हो गया है। लेकिन उनके फैसले के ये मुस्कुराते हुए पन्ने कहते हैं यहां एक जज़्बात वाला जज आया था।