अंडरगार्मेंट नहीं धोने पर जज ने महिला ऑफिस असिस्टेंट को थमाया मीमो

नई दिल्ली (4 मार्च) :  तमिलनाडु में निचली अदालत के एक जज ने ऑफिस असिस्टेंट महिला को इसलिए मीमो जारी कर दिया कि उसने जज के अंडरगार्मेंट धोने से इनकार कर दिया था। 47 वर्षीय इस दलित महिला के समर्थन में राज्य न्यायिक कर्मचारी संघ ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जज ने महिला को जारी मीमो में कहा, ' कृपया 7 दिन में सफाई दें कि तुम्हारे ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए क्योंकि तुम सब जज के घर में रखे गए अंदरूनी कपड़ों को धोने में नाकाम रही और उन्हें दूर झटक दिया। और जब तुम्हारे इस बर्ताव पर अधिकारी और उनकी पत्नी ने सवाल किया तो तुमने अहंकारी भाषा में जवाब दिया।'

अखबार के मुताबिक इस साल एक फरवरी इस मीमो पर सत्यामंगलम कोर्ट के सबऑर्डिनेट जज डी सेल्वम के हस्ताक्षर हैं। महिला ने 4 फरवरी को भेजे जवाब में कहा कि उसके ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई को बंद किया जाए। महिला ने ये भी कहा कि मैं विनम्रता से स्वीकार करती हूं कि भविष्य में अपनी ड्यूटी का अच्छी तरह से पालन करूंगी।

महिला का कहना है कि उस दिन के बाद से मैं घर पर जा रही हूं और अधिकारी की पत्नी से बिना बात किए अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रही हूं। दसवीं तक पढ़ी इस महिला की नौ साल पहले नियुक्ति हुई थी। इस महिला का पति बीमार है जिसकी उसे देखभाल करनी पड़ती है।  

 

ये इस तरह का पहला मामला नहीं है जिसने तूल पकड़ा है। 2012 में एक ऑफिस असिस्टेंट को जज के घर पर झाड़ू लगाने और सफाई का काम करने के लिए कहा गया था। एक और मजिस्ट्रेट ने ऑफिस असिस्टेंट को इसलिए निलंबित कर दिया था क्योंकि वो फिश करी बनाने में नाकाम रहा था।