अमित शाह के बाद जेपी नड्डा हो सकते हैं बीजेपी के अगले अध्यक्ष

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (30 मई): जेपी नड्डा बीजेपी के अगले अध्यक्ष हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह नरेंद्र मोदी कैबिनेट में शामिल होने जा रहे हैं। ऐसे में अगर अमित शाह केंद्रीय मंत्री बनते हैं तो बीजेपी के पार्टी संविधान के मुताबिक उन्हें अपने अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। अगर ऐसे हालात बनते हैं तो जेपी नड्डा बीजेपी के अगले अध्यक्ष बन सकते हैं। कुशल रणनीतिकार जेपी नड्डा नरेंद्र मोदी और अमित शाह के विश्वासपात्र माने जाते हैं। वह कॉलेज के दिनों में प्रभावी छात्र नेता रहे। मुश्किल से मुश्किल कामों को आसानी से सुलझाने में माहिर नड्डा बीजेपी अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे हैं। नड्डा नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ बीजेपी की सबसे शक्तिशाली तिकड़ी का हिस्सा हैं।

हिमाचल के बिलासपुर जिले के रहने वाले जेपी नड्डा का जन्म 2 दिसंबर, 1960 को बिहार के पटना में हुआ। उनके पिता पटना यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर थे। जेपी आंदोलन से प्रभावित होकर नड्डा ने छात्र राजनीति में प्रवेश किया। बिहार में स्टूडेंट मूवमेंट चरम पर था। जेपी नड्डा ने 16 साल की उम्र में इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बाद में वह छात्र राजनीति में सक्रिय हुए और बीजेपी की छात्र संगठन एबीवीपी के साथ जुड़ गए। साल 1977 में पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में वह सचिव चुने गए और फिर 13 साल तक विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे। पटना से बीए की पढ़ाई करने के बाद नड्डा ने हिमाचल से एलएलबी की। इसके बाद वे हिमाचल से तीन बार विधायक भी रहे। 2014 में उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया। नड्डा का मुख्य फोकस दक्षिण के राज्यों में भाजपा का जनाधार बढ़ाने पर हो सकता है। यहां तेलंगाना में भाजपा ने 4 और कर्नाटक में 23 सीटों पर जीत हासिल की।

लोकसभा चुनाव में नड्डा को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जहां पार्टी ने मायावती, अखिलेश और अजीत सिंह के गठबंधन के बावजूद 62 सीटें जीतीं। अमित शाह ने 2014 में यहां पार्टी को 71 सीटें दिलाई थीं। 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान अमित शाह को बीजेपी ने उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया था। उस वक्त राजनाथ सिंह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। हालांकि, सरकार आने के बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया था। इसके बाद शाह को पार्टी अध्यक्ष बनाया गया था। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार 10 जुलाई को केंद्रीय बजट पेश कर सकती है। इसके कुछ समय बाद महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नड्डा आगे की चुनावी रणनीति को देखेंगे। संभावनाएं हैं कि जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक में जहां गठबंधन सरकार खतरे में नजर आ रही है, वहां भी चुनाव हो सकते हैं। इसके बाद अगले साल की शुरुआत में दिल्ली में चुनाव होंगे।