जोधपुर में सलमान खान के केस का होगा फैसला, जहां लगे हिरण शिकार के आरोप

नई दिल्ली ( 17 जनवरी ): सलमान खान से जुड़े आर्म्स एक्ट के मामले का जोधपुर जिला सत्र न्यायालय 18 जनवरी को फैसला सुनाएगा। टीवी जर्नलिस्ट जसीम खान ने अपनी बुक ‘Being Salman’ (हिंदी में: ऐसे क्यों हैं सलमान) में जोधपुर से जुड़े चारों केस बयां किए हैं।

सलमान के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 और 25 के तहत केस चल रहा है। यदि इस एक्ट की पहली धारा के तहत वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें अधिकतम तीन साल और दूसरी धारा में दोषी पाए जाने पर सात साल की सजा हो सकती है।

सलमान पर हिरण शिकार के यह केस कैसे लगे, क्या हुआ था, गवाह कौन हैं, खुद सलमान कितने दोषी हैं, सबकुछ जसीम ने लिखा है। हम उसी के अंश यहां दे रहे हैं। क्या दोषी हैं सलमान?...इसका फैसला हो, उससे पहले जोधपुर के पूरे केस को जान लीजिए।

सलमान पर 4 केस...

- 26 और 28 सितंबर 1998 को जोधपुर के आसपास के तीन इलाकों घोड़ा फॉर्म,भवाद और कांकणी गांव में चिंकारा का शिकार किया।

- जोधपुर से तीन किलोमीटर दूर कांकणी गांव में दो काले हिरणों के शिकार का केस यहां के विश्नोई समाज ने दर्ज कराया है।

- लाइसेंस समाप्त हो जाने के बाद भी रायफल रखने (आर्म्स एक्ट) का केस भी लगा।

सजा हुई-

- तीन चिंकारा शिकार मामले में सलमान खान को पहली बार 17 फरवरी 2006 को जोधपुर की निचली अदालत से एक साल की सजा हुई थी।

- सलमान को काले हिरण के शि‍कार मामले में 10 अप्रैल 2006 को पांच साल की सजा हुई। शिकार का यह मामला जोधपुर के मथानिया के पास घोड़ा फार्म में 28-29 सितंबर 1998 की रात का है। लेकिन बाद में जोधपुर हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई।

जेल में रहे-

- घोड़ा फार्म हाउस शिकार मामले में सलमान को 10 से 15 अप्रैल 2006 तक 6 दिन सेंट्रल जेल में रहना पड़ा। सेशन कोर्ट ने इस सजा की पुष्टि करने पर सलमान को 26 से 31 अगस्त 2007 तक जेल में रहना पड़ा था।