इस क्षेत्र में अगले कुछ सालों में पैदा हो सकती हैं 90 लाख नौकरियां

नई दिल्ली (20 फरवरी): आने वाले कुछ सालों में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 90 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उद्योग संगठन एसोचैम ने एक रिसर्च का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है। फूड रीटेल : इन्वेस्टमेंट : इंफ्रास्ट्रक्चर' पर एसोचैम-ग्रांट थॉर्नटन की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2024 तक खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 90 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है और राज्यों में प्रत्यक्ष तौर पर 8,000 तथा अप्रत्यक्ष तौर पर 80,000 रोजगारों के सृजन होने की संभावना है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अनुमानित तौर पर 121 से 130 अरब डॉलर मूल्य का भारत का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग वैश्विक स्तर पर दूध, दाल, गन्ना तथा चाय का सबसे बड़ा उत्पादक है और गेहूं, फल तथा सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है> एसोसिएटेड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया ने कहा है कि केला, अमरूद, अदरक, पपीता इत्यादि के उत्पादन में भारत शीर्ष बाजारों में से एक है, हालांकि देश में प्रसंस्करण का स्तर सीमित है। यह खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में व्यापक अवसरों की ओर संकेत करता है और राज्यों में प्रत्यक्ष तौर पर 8,000 तथा अप्रत्यक्ष तौर पर 80,000 रोजगारों के सृजन होने की संभावना है।