JNU: कन्हैया ने नहीं उमर, अनिर्बान ने लगाए थे 'देशद्रोही' नारे !

नई दिल्ली (1 मार्च): जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी JNU देशद्रोही नारे मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि पुलिस जांच में पता चला है कि पिछले साल 9 फरवरी को JNU कैंपस में उमर खालिद और अनिर्बान समेत कुल 9 लोगों पर देश विरोधी नारे लगाए।  उमर और अनिर्बान को छोड़कर बाकी सभी छात्र कश्मीरी बताए जा रहे हैं। देशद्रोह के नारे आतंकी अफजल गुरु के फांसी के विरोध में JNU में आयोजित कार्यक्रम की आड़ में लगाया गया।

बताया जा रहा है कि देशद्रोह का मुकदमा झेल रहे JNU छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को किसी भी फुटेज में देश विरोधी नारा लगाते नहीं पाया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि कन्हैया कुमार, उमर खालिद और उसके तमाम साथियों की ABVP के छात्रों के साथ हुई झड़प के बाद वहां पहुंचा था। उसने देश विरोधी नारे नहीं लगाए थे। JNU कैंपस में हुए कल्चरल इवेंट की इजाज़त भी उमर खालिद ने ही मांगी थी और इसके लिए पोस्टर भी उसी ने बनवाये थे।

पुलिस को दोनों के ईमेल से वो पमलेट मिले हैं जो JNU में लगाये गए थे। पुलिस ने JNU के पास एक साइबर कैफे की हार्ड डिस्क भी बरामद की है जिस कंप्यूटर का इस्तेमाल उमर खालिद ने किया था। यहां से पम्पलेट का प्रिंटआउट निकाला गया था। पुलिस को उमर खालिद की काल डिटेल से पता चला है कि उस दौरान उसने कश्मीर के 7 से 10 लोगों से बात की थी। JNU में नारे लगाने वाले कई लड़के बहार के थे और ये कहीं न कहीं उम्र खालिद से जुड़े हुए थे।