पुलिस को कैंपस में आने के लिए नहीं कहा था: जेएनयू वीसी

नई दिल्ली (14 फरवरी): जेएनयू में अफजल गुरू की फांसी को लेकर छात्रों की नारेबाजी के बाद उठा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेएनयू में छात्रों के एक गुट ने छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के विरोध में बंद का ऐलान किया है। वहीं कन्हैया की कोर्ट में पेशी भी है। इसे लेकर सियासी घमासान भी जारी है। लेफ्ट नेताओं ने केंद्र सरकार पर फिर हमला बोला।

उधर, जेएनयू के बाहर स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। भारी संख्या में लोग यहां जुटे हुए हैं और देशविरोधी नारे लगाने वालों को सजा देने की मांग कर रहे हैं।

जेएनयू में कमेटी का गठन जेएनयू में देश विरोधी नारे के विवाद पर जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जगदीश कुमार ने कहा इस पूरे मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। 25 फरवरी तक विश्वविद्यालय की कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जगदीश कुमार ने ये भी कहा कि उन्होंने पुलिस को कैंपस में आने के लिए नहीं कहा था। बल्कि साक्ष्यों के आधार पुलिस खुद जांच करने के लिए कैंपस तक पहुंची।