'अफजल की बरसी मनाने की मंजूरी नहीं देने से नाराज था कन्हैया'

नई दिल्ली(7 मार्च): जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार नए विवाद में फंस सकता है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार भूपेंदर जुत्शी ने दावा किया है कि कन्हैया कुमार ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी के खिलाफ विवादस्पद कार्यक्रम रद्द किए जाने पर एतराज जताया था।

यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के इनकार के बावजूद नौ फरवरी को अफजल की बरसी पर प्रोग्राम हुआ और उसमें देश तोड़ने वाली नारेबाजी हुई।  रजिस्ट्रार का कहना है कि अधिकारियों ने नौ फरवरी के जिस कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय लिया था, कन्हैया उस निर्णय के खिलाफ था।

जुत्शी ने जांच समिति से कहा नौ फरवरी को तीन बजे अपने कार्यालय में मैंने जेएनएसयू की एक बैठक बुलाई थी ताकि विकलांग छात्रों के लिये नई बस पर चर्चा हो सके। बैठक में कन्हैया कुमार और जेएनएसयू महासचिव रमा नागा पहले वहां पहुंचे।

बैठक के बाद जेएनएसयू के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा ने मुझसे अफजल गुरु की न्यायिक हत्या पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का पर्चा दिखाया और कहा कि कुछ छात्र नौ फरवरी को शाम पांच बजे साबरमति ढाबा में एक कार्यक्रम आयोजन कर रहे हैं।

रजिस्ट्रार ने कहा कि विश्वविद्यालय ने जब इजाजत को वापिस लेने का फैसला किया तो कन्हैया कुमार ने इसे रद्द करने पर एतराज जताया था। विश्वविद्यालय ने विवादास्पद कार्यक्रम की जांच के लिये 10 फरवरी को एक अनुशासनात्मक समिति गठित किया था। समिति की सिफारिशें 11 मार्च तक आने की उम्मीद है।