'मनुस्मृति' की प्रतियां जलाने के मामले में JNU ने 5 छात्रों को भेजा नोटिस

नई दिल्ली (21 मार्च): जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 5 छात्रों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। जिसमें उनसे मनुस्मृति की प्रतियों को जलाने के मामले में अपने संबंध पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। मनुस्मृति एक प्राचीन कानून का ग्रंथ है। इसे जलाने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अनुमति देने से मना कर दिया था। 

मेल टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ प्रॉक्टर के दफ्तर में 9 मार्च की चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर की एक रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जो कि 8 मार्च को साबरमती ढ़ाबे के पास हुई घटना के संबंध में है। प्रॉक्टर की तरफ से भेजे गए नोटिस में कहा गया है, "आपको 21 मार्च को प्रॉक्टर के सामने पेश होकर इस संबंध में अपना पक्ष रखना है। आप अपने बचाव में कोई सबूत लाकर पेश कर सकते हैं।"

रिपोर्ट के मुताबिक, अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ कैंपस में हुए एक विवादित कार्यक्रम के कुछ हफ्तों के बाद एबीवीपी के 5 विद्रोहियों ने वाम समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) और कांग्रेस से जुड़े नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के साथ मिलकर मनुस्मृति की प्रतियों को जलाया। यह घटना साबरमती ढ़ाबे के पास 8 मार्च को हुई। जो इससे पहले हुए कार्यक्रम का भी स्थल था। इनमें से तीन आयोजक एबीवीपी के पूर्व कार्यकर्ता थे। इसके अलावा दो अभी भी पार्टी के साथ हैं। लेकिन मनुस्मृति पर उनकी राय भिन्न बताई जा रही है।