जम्मू कश्मीर में पत्थरबाज महिला बनी फुटबॉल टीम की कप्तान

jk women s football team nets a goal led by stone-thrower-turned goalie

नई दिल्ली (6 दिसंबर): जम्मू कश्मीर में पत्थर फेंकने वालों छात्रों की पोस्टर गर्ल अफशां आशिक अब जम्मू कश्मीर महिला फुटबॉल टीम की कप्तान बन गयी हैं, जीं हां, सही सुना आपने। यह एक ऐसा बदलाव है जो कश्मीरियों के दिलों को जीतने की सरकारी दास्तां भी बयां करता है।   

अफशां आशिक जहां असंतुष्ट छात्रा के रूप में श्रीनगर की गलियों में पुलिस पर पत्थर फेंकने वाली लड़कियों के गुट की अगुवाई करती थीं, पर पत्थर फेंकने वालों छात्रों की यह पोस्टर गर्ल अब जम्मू कश्मीर महिला फुटबॉल टीम की कप्तान बन गयी हैं।

इस 21 वर्षीय खिलाड़ी ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करके उन्हें राज्य में खिलाड़ियों के सामने आने वाली समस्याओं से अवगत कराया और मदद की गुहार लगायी तथा कहा कि वह वापस मुडकर नहीं देखना चाहतीं। 

अफशां ने कहा, 'मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गयी। मैं विजेता बनना चाहती हूं और राज्य व देश को गौरवान्वित करने के लिए कुछ करना चाहती हूं।' श्रीनगर की रहने वाली अफशां अभी मुंबई के एक क्लब के लिए खेल रही है। वह मानती हैं कि उनकी जिंदगी और करियर ने जब यू-टर्न लिया तब उनकी फोटो पत्थर फेंकने वाली के तौर पर राष्ट्रीय मीडिया में आ गयी थी।