सेना की मदद से 'कश्मीर सुपर 40' के 28 छात्रों ने पास की IIT एंट्रेंस एग्जाम

श्रीनगर (30 अप्रैल): भले ही शैतान पाकिस्तान के इशारे पर घाटी में कुछ लोग सेना को निशाना बन रहे हों। लेकिन हर वक्त सेना के  लोग वहां के लोगों की सलामति और भलाई में जुटी रहती है। जाहे वो किसी भी तरह की मुसीबत से क्यों न जूझ रही हो। साथ ही सेना के लोग जम्मू-कश्मीर के युवाओं के भविष्य के निर्माण में भी अपना जबरदस्त योगदान दे रही है।


जम्मू-कश्मीर के युवाओं के भविष्य को लेकर सेना कितना कुछ कर रही है इसका अंजादा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेना की 'कश्मीर सुपर 40' पहल ने IIT एंट्रेंस में पिछले सभी रेकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस बार 26 लड़कों और 2 लड़कियों ने IITJEE मेन परीक्षा में सफलता हासिल की है।


इंजिनियरिंग एंट्रेंस की खातिर जम्मू-कश्मीर के स्टूडेंट्स को कोचिंग देने के लिए सेना ने 'कश्मीर सुपर 40' मुहिम चला रखी है। इस बार 78% की सफलता दर हासिल करने से सेना इस कोचिंग को देश के सर्वश्रेष्ठ आईआईटी कोचिंग सेंटरों के बराबर मान रही है। सफल स्टूडेंट्स में अशांत रहे दक्षिण कश्मीर के 9, उत्तर कश्मीर से 10, करगिल/लद्दाख से 7 और जम्मू क्षेत्र से 2 युवा हैं।


यह पहला बैच था, जिसमें कश्मीर घाटी की 5 लड़कियों को दिल्ली में कोचिंग दी गई थी, जिनमें से दो ने क्वॉलिफाई किया है। कोचिंग कार्यक्रम को सेना अब 5 लड़कियों सहित 50 स्टूडेंट्स के साथ तुरंत अपग्रेड करने जा रही है। जुलाई 2016 के बाद से कश्मीर घाटी में अशांति की वजह से कई चुनौतियों के बावजूद सेना ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कोचिंग को अंजाम दिया था। सेना का कहना है कि IIT के अलावा, 'कश्मीर सुपर 40' के स्टूडेंट्स ने पूरे देश में अन्य इंजिनियरिंग कॉलेज परीक्षाओं में भी बढ़िया प्रदर्शन किया है। इस फ्लैगशिप स्कीम के तहत स्टूडेंट्स का चुनाव अप्रैल-मई में पूरे राज्य में एंट्रेंस और इंटरव्यू के माध्यम से किया जाता है। श्रीनगर में सेना की लोकेशन पर छात्रों को ठहरा कर मुफ्त में कोचिंग कराई जाती है।