जिगिशा हत्याकांड: 3 आरोपियों में से 2 को फांसी, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली (22 अगस्त): जिगिशा मर्डर केस में तीन में से दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है, जबकि एक आरोपी को उम्र कैद की सजा दी गई है। आरोपी रवि कपूर और अमित शुक्ला को मौत की सजा और बलजीत मलिक को उम्र कैद मिली है। गौरतलब है कि आईटी प्रोफेशनल जिगिशा घोष की मार्च 2009 में हत्या कर दी गई थी। जिगिशा की लाश 2 दिन बाद हरियाणा के सूरजकुंड के पास मिली थी,  इसी मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आज फैसला सुनाया। इससे पहले अदालत ने गुरुवार को तीनों  आरोपियों को दोषी करार दिया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने कहा था कि तीनों अभियुक्त के खिलाफ मामला साबित हो गया है।  कौन थी जिगिशा घोष, कैसे हुई थी हत्या... - 28 साल की जिगिशा घोष नोएडा में एक बीपीओ हैविट एसोसिएट में ऑपरेशनल मैनेजर थीं। - 18 मार्च 2009 को जिगिशा का ऑफिस से लौटते वक्त सुबह 4 बजे अपहरण कर लिया गया था।
- जिगिशा का अपहरण बसंत विहार में उनके घर के बाहर से ही किया गया था।
- जिगिशा को ऑफिस कैब ने सुबह चार बजे वहां छोड़ा था।
- हत्या के बाद आरोपियों ने जिगिशा के एटीएम और क्रेडिट कार्ड का यूज करते हुए सरोजनी नगर मार्केट से खरीदारी की थी। - 21 मार्च : 18 मार्च को किडनैप हुई जिगिशा घोष की बॉडी 21 मार्च को सूरजकुंड के पास रिकवर की गई थी।  - 25 मार्च : दिल्ली पुलिस ने जिगिशा हत्याकांड में कथित संलिप्तता के लिए चार लोगों को पकड़ा । पुलिस ने टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या का - मामला भी सुलझाया जिसकी 30 सितंबर 2008 को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह तड़के अपने कार्यालय से अपनी कार से घर लौट रही थी।
- जून 2009 : पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दायर किया । - 10 अगस्त 2009 : अदालत ने आरोपों पर दलील सुनने के लिए 28 अगस्त की तारीख निर्धारित की । - 5 दिसंबर 2009 : अदालत ने मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए । - 15 अप्रैल 2010 : जिगिशा के पिता की गवाही दर्ज करने के साथ मुकदमा शुरू । - 5 जुलाई 2016 : अदालत ने अंतिम दलीलों पर सुनवाई पूरी की, फैसला सुरक्षित रखा । - 14 जुलाई 2016 : अदालत ने तीन आरोपियों को जिगिशा के अपहरण, लूटपाट और उसकी हत्या का दोषी ठहराया । - 14 जुलाई 2016: आईटी एक्जीक्यूटिव जिगिशा घोष हत्याकांड मामले में दिल्ली की एक अदालत ने आज तीन लोगों को दोषी ठहराया । घटनाक्रम इस प्रकार है 
परिजन अदालत के फैसले से संतुष्ट- जिगिशा का शव 20 मार्च, 2009 को हरियाणा के सूरजकुंड के पास से बरामद किया गया, उसके माता-पिता ने बताया कि वे अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं, अभियोजन पक्ष ने मामले में अपनी ओर से 58 गवाहों को पेश किया, इसके बाद सबूतों के आधार पर अदालत तीनों अभियुक्तों को इस हत्याकांड में दोषी पाया। इन धाराओं के तहत दोष साबित- अदालत ने अभियुक्तों को आईपीसी की धारा 201 (सबूत नष्ट करने), धारा 364 (हत्या करने के लिए अपहरण), धारा 394 (लूट के दौरान चोट पहुंचाना), धारा 468 (फर्जीवाड़ा), धारा 471 (फर्जी दस्तावेज का वास्तविक इस्तेमाल), धारा 482 (झूठी संपत्ति को व्यवहार में लाना) और धारा 34 के तहत दोषी ठहराया।