जिगिशा घोष हत्याकांड: जानिए, कैसे एक Tattoo ने खोली थी Murder Mystery

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (22 अगस्त): जिगिशा मर्डर केस में तीन में से दो आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है, जबकि एक आरोपी को उम्र कैद की सजा दी गई है। आरोपी रवि कपूर और अमित शुक्ला को मौत की सजा और बलजीत मलिक को उम्र कैद मिली है। गौरतलब है कि आईटी प्रोफेशनल जिगिशा घोष की मार्च 2009 में हत्या कर दी गई थी। जिगिशा की लाश 2 दिन बाद हरियाणा के सूरजकुंड के पास मिली थी। जानिए, कैसे पकड़े गए थे जिगिशा घोष की हत्या के आरोपी...

घटनाक्रम 18 मार्च, 2009: दिल्ली के वसंत विहार के घर के पास कैब से उतरने के बाद अपहरण। 20 मार्च, 2009: जिगिशा का शव हरियाणा के सूरजकुंड के पास बरामद किया गया। 23 मार्च, 2009: हत्याकांड में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। जून 2009: दिल्ली पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। 15 अप्रैल, 2010: दिल्ली की अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। 5 जुलाई, 2016: दिल्ली की अदालत ने मामले में फैसला सुरक्षित रखा। 14 जुलाई, 2016: दिल्ली की अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया। 22 अगस्त, 2016: दोषी रवि और अमित को फांसी की सजा, बलजीत को उम्रकैद।

कैसे पकड़े गए दोषी? 

जांच को अंजाम तक पहुंचाने में तीन शख्सियतों का रहा अहम योगदान  - तत्कालीन डीसीपी साउथ हरगोविंद धालीवाल, केस के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर अतुल वर्मा और स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर राजीव मोहन।  - इन तीनों ने जिगिषा हत्याकांड को सुलझाने में अहम योगदान दिया।  - इनके अलावा उन गवाहों ने भी अहम भूमिका रही, जिन्होंने कोर्ट में आरोपियों की शिनाख्त की।  - मार्च 2009 में धालीवाल डीसीपी साउथ थे।  - ओखला इंडस्ट्रियल एरिया थाने के मौजूदा एसएचओ अतुल वर्मा तब इस थाने में इंस्पेक्टर इंवेस्टिगेशन थे। 

जिगिषा के पिता ने दर्ज करायी थी गुमशुदगी की रिपोर्ट  - 19 मार्च को जिगिषा घोष के पिता जगन्नाथ घोष ने वसंत विहार थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी दर्ज करायी थी।  - उसके मोबाइल फोन की लोकशन और एटीएम कोर्डों की डिटेल निकाली गयी तो साफ हो गया कि लड़की के साथ कोई हादसा हुआ है। 

आरोपी के हाथ पर गुदा लंबा टैटू बना अहम सुराग  - धालीवाल और अतुल वर्मा रात-दिन इस मामले की जांच में जुट गये।  - बैंक से कार्ड की डिटेल लेकर महिपालपुर स्थित एटीएम बूथ से सीसीटीवी फुटेज निकाली गयी।  - उसमें जिगिषा के साथ खड़े एक आरोपी के हाथ पर लंबा टैटू गुदा देखा गया।  - उसकी फोटो कई थानों के पुलसिवालों में बंटवा दी गयी और तलाश की हिदायत दी।  - इसी बीच वसंत कुंज थाने में तैनात पुलिस अधिकारी को एक लड़के ने बताया कि वह फोटो बलजीत मलिक की है।  - यह इस केस में बड़ी कामयाबी थी, 22 मार्च को बलजीत को पकड़ लिया गया।  - उसके हाथ पर उसके नाम का आठ इंच लंबा टैटू बना था।  - उसके बाद रवि कपूर और अमित शुक्ला को गिरफ्तार किया गया। 

इस आधार पर हुई सजा  - इस मामले में गाड़ियां चुराने वाले गैंग का हाथ सामने आया था, आरोपी रवि कपूर इस गैंग का सरगना है।  - दिल्ली के खानपुर का रहने वाला रवि पैसे के लिए साथियों के साथ गाड़ियां चुराने से लेकर हत्या-लूट की वारदात करता था।  - कोर्ट ने तीनों को मर्डर, आपराधिक साजिश रचने, किडनैप, लूट और हथियारों के इस्तेमाल के मामले में दोषी पाया था। 

आरोपियों की कोर्ट में हुई पहचान  - महिपालपुर स्थित एटीएम बूथ पर तैनात गार्ड भीमाराव ने आरोपियों को कोर्ट में पहचान लिया, उसने सैंट्रों कार की भी शिनाख्त की।  - रवि कपूर और जिगिषा का अपहरण करते हुए 13 साल के अभिषेक ने अपने घर की खिड़की से देखा था।  - यह देख कर उसे कई दिन बुखार भी रहा था. उसने कोर्ट में आरोपियों को पहचाना।  - सरोजनी नगर मार्केट में जिगिषा के कार्ड से शॉपिंग के वक्त शोरूम के कर्मचारी ने आरोपियों की पहचान कोर्ट में की।  - जिगिषा के सहयोगी समेत तीन सहकर्मियों ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों से बरामद रिंग और गोल्ड चेन जिगिषा की थी।  - जिगिषा के पिता जगन्नाथ घोष ने भी कोर्ट को बताया कि ज्वेलरी उनकी बेटी की है।  - रवि को यह चेन पहले हुए गिरफ्तार किया गया था और रिंग अमित के घर से मिली थी। 

टीवी जर्नलिस्ट सौम्या का भी किया था मर्डर  - इन आरोपियों पर टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन के भी मर्डर का आरोप है।  - सौम्या की लाश 30 सितंबर, 2008 को वसंत कुंज इलाके में उसी ही की कार में मिली थी।  - पुलिस के मुताबिक, टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन के हत्यारों का सुराग जिगिशा मर्डर केस की जांच के दौरान ही हाथ लगा था।