अफवाह के बाद फैली जमशेदपुर हिंसा में अबतक 9 लोगों की मौत

इंद्रजीत सिंह, जमशेदपुर (21 मई): एक अफवाह के बाद झारखंड का जमशेदपुर जल रहा है। किसी का बच्चा चोरी नहीं हुआ, कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। बच्चा चोरी करते कोई पकड़ा नहीं गया, लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऐसी अफवाह फैली कि दो समुदायों में तनाव बढ़ गया और फिर सिर्फ तीन दिन में 9 मर्डर हो गए। हालात ये है कि अब शहर में धारा 144 लगानी पड़ी है।

पूरा बखेड़ा 18 मई का खड़ा हुआ। बच्चा चोर समझकर गांव वालों ने एक समुदाय के चार युवकों को पीट-पीटकर मार डाला। इसी के बाद दो समुदायों में तनाव फैल गया। उसी रात बागबेड़ा इलाके में 3 और लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया। 18 तारीख को ही कई दिनों से लापता एक और युवक का लाश मिला, जिसके बाद तो शहर में आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गई।

शनिवार को जमशेदपुर के मानगो इलाके में भीड़ ने एक कम्युनिटी के घरों और पुलिस पर पथराव किया। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। टियर गैस का भी इस्तेमाल किया गया। शहर में हालात खराब हैं, लिहाजा शहर में धारा-144 लगा दिया गया है। किसी भी हालत से निपटने के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है, लेकिन बड़ा सवाल ये है कि जमशेदपुर में अफवाह वाली ये आग किसने फैलाई।