NEWS24 EXCLUSIVE: बुकिंग क्लर्कों के फर्जीवाड़े का खुलासा, रेलवे को लगाया करोड़ों का चूना

कुंदन सिंह, नई दिल्ली(3 अगस्त): झारखंड के हटिया और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर बेचे जा रहे अनरिज़र्व टिकट के सिस्टम में बुकिंग क्लर्क द्वारा छेड़छाड़ कर करोड़ों का चूना लगाने का मामला सामने आया है। बुकिंग क्लर्क सिस्टम में कम पैसे फीड करते थे और रेल यात्रियों से टिकट का पूरा पैसा वसूल करते थे। बीच का पैसा खुद ही चपत कर जाते थे। उस पूरे जोन में रेलवे की आय में अचानक आई कमाई और बार बार सिस्टम से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आने के बाद रेल बोर्ड के अधिकारियों द्वारा जांच करने पर मामले का खुलासा हुआ है।

- मामले की जांच करने पर रेलवे बोर्ड की विशेष स्क्वायड टीम ने हटिया स्टेशन के बुकिंग काउंटर पर यूटीएस टिकट (अनरिजर्व टिकट सिस्टम) की एनआइ (नन इश्यूयिंग) में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी पाई। जिसके बाद खुलासा हुआ कि कैसे यूटीएस मशीन के सिस्टम से हेराफेरी कर वर्षों से गड़बड़ी की जा रही थी। इस पूरे मामले में बुकिंग केंद्र के कर्मचारियों से लेकर सुपरवाइजर तक की मिलीभगत सामने आयी है।

- मामले का खुलासा होने पर रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर व मार्केटिंग) विक्रम सिंह ने बुधवार को दक्षिण पूर्ण रेलवे के जीएम को पत्र जारी करते हुए हटिया स्टेशन के 10 कर्मियों को निलंबीत की। इनमें बुकिंग केंद्र के सात कर्मचारियों के अलावा चीफ बुकिंग सुपरवाइजर, काॅमर्शियल इंस्पेक्टर व सेक्शनल टीआइए शामिल हैं।

-  बताया जाता है कि देश के कई बड़े स्टेशनों पर भी इस तरह की गड़बड़ी कर रेलवे को करोड़ों का चूना लगाया गया है। हटिया स्टेशन पर मिली गड़बड़ी के बाद देश भर के स्टेशनों पर यूटीएस मशीन के सिस्टम में संभावित छेड़छाड़ को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

-  रेलवे बोर्ड के निर्देश पर सभी स्टेशनों पर जांच की जा रही है। बोर्ड ने इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नौ पॉइन्ट की गाइड लाइन भी जारी की  है।

कैसे करते थे फर्जीवाड़ा 

- हटिया स्टेशन के बुकिंगकर्मी पहले कम मूल्य के जनरल टिकट यूटीसी सिस्टम से जारी करते थे। इसके बाद सिस्टम को फेल और गलत टिकट जारी होने की बात कह मशीन का स्वीच आॅफ कर देते थे।  इस तरह कम वैल्यू के जनरल टिकट के मूल्य सिस्टम में सेव हो जाता था। इसके बाद उसी  नंबर पर अधिक मूल्य के टिकट जारी कर लिये जाते थे। 

- सिस्टम में उस टिकट काे  एनआइ (नन-इश्यू) दिखा दिया जाता था। इस तरह कम राशि रेलवे के खाते में जाती थी। जबकि अधिक मूल्य का जारी किया गया फर्जी टिकट की राशि यात्रियों से वसूल कर बुकिंगकर्मी हड़प लेते थे। इस पूरे मामले में करीब एक दर्जन लोगो को निलंबित किया गया है। 

मामले में इन्हें निलंबित किया गया

-पी मंडल, बी राम, एके झा, बिनीता सिन्हा, विनीत सिंह, शिल्पी मुखर्जी, लता, पीके दीवान(चीफ बुकिंग सुपरवाइजर, हटिया)।
    
- इस घटना के उजागर होने के बाद उस पूरे मंडल के टाटानगर स्टेशन पर भी जांच की गई। बुधवार को टाटानगर स्टेशन में दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक ने यूटीएस मशीनों की जांच की। एनआइ टिकटों के बारे में भी जानकारी ली और ोसुपरवाइजर को जरूरी दिशा-निर्देश दिया।