मुश्किल में जेट एयरवेज़, डिप्टी सीईओ और सीएफओ अमित अग्रवाल ने दिया इस्तीफा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 मई): आर्थिक संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) अमित अग्रवाल ने निजी कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। विमानन कंपनी ने मंगलवार को बताया कि अग्रवाल का इस्तीफा 13 मई से प्रभावी है।जेट एयरवेज ने एक नियामक दाखिल में कहा, ‘‘हम सूचित करना चाहते हैं कि कंपनी के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सीएफओ अमित अग्रवाल ने व्यक्तिगत कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है जो 13 मई से प्रभावी है।’’ जेट एयरवेज़ ने 17 अप्रैल को नकदी की समस्या के कारण अपनी विमान सेवा को अस्थायी तौर पर बंद करने का एलान कर दिया था। पिछले एक महीने में कंपनी के अधिकतर बोर्ड सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है।

कई महीनों से पायलट और अन्य कर्मचारियों की सैलरी न दे पाने की वजह से भी एयरलाइन लंबे समय से संकट में घिरी थी। जेट एयरवेज के बंद होने की वजह से हजारों कर्मचारियों को नौकरी गंवानी पड़ी। जेट की हिस्सेदारी खरीदने से भी कंपनियां परहेज कर रही हैं। हालांकि जेट के ही अंतरराष्ट्रीय सहयोगी एतिहाद ने हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई है।एतिहाद ने कहा है कि वह जेट में 1700 करोड़ रुपये का निवेश कर सकती है। एतिहाद ने जेट की उधारी चुकाने के बारे में कोई वादा नहीं किया है। पिछले शुक्रवार को जेट के लिए बोली लगाने की समयसीमा खत्म हो गई और तब तक सिर्फ एतिहाद ने ही बोली लगाई थी। उसने डेडलाइन खत्म होने से कुछ मिनट पहले ही बोली सौंपी थी। उसके अलावा जेट की खातिर नेशनल इनवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ), टीपीजी कैपिटल और इंडिगो पार्टनर्स को चुना गया है।जेट को अभी कम से कम 15,000 करोड़ के निवेश की जरूरत है। जेट एयरवेज को बैंकों ने भी मदद देने से हाथ खड़े कर दिए थे। जेट को कर्ज देने वाले बैंकों में से एक के अधिकारी ने बताया कि अगर यह तफ्तीश मुकम्मल जांच में बदलती है तो किसी वनटाइम डेट सेटलमेंट की संभावना खत्म हो सकती है या उसमें देरी हो सकती है। जेट पर कुल 8,500 करोड़ का कर्ज है।

बता दें कि जेट एयरवेज के प्रमोटर व संस्थापक नरेश गोयल और उनकी पत्‍नी ने बीते मार्च में बोर्ड मीटिंग के दौरान ही इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई में कर्जदाताओं ने कंपनी का प्रबंधन अपने हाथों में ले लिया, वर्तमान में जेट एयरवेज पर कुल 8,000 करोड़ रुपये का कर्ज है।