हिंसा की वजह से डिक्लरेशन में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा का नाम: चीन

नई दिल्ली(5 सितंबर): ब्रिक्स देशों के डिक्लरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और तालिबान जैसे आतंकी संगठनों का नाम आ गया है। चीन के विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन ने कहा- जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हक्कानी नेटवर्क का नाम ब्रिक्स के ज्वॉइंट डिक्लरेशन में इसलिए आया क्योंकि ये संगठन इस इलाके में हिंसा फैलाते हैं।

- बता दें कि नरेंद्र मोदी दो दिन के चीन दौरे पर हैं और वहां उनकी चीन के प्रेसिडेंट से बाइलेट्रल बातचीत हो सकती है। 

- ब्रिक्स देशों के ज्वॉइंट डिक्लरेशन के बाद चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन गेंग शुआंग ने न्यूज एजेंसी को इंटरव्यू दिया। शुआंग ने कहा- पाकिस्तान के आतंकी संगठनों जैश, लश्कर या हक्कानी नेटवर्क के नाम ज्वॉइंट डिक्लरेशन में इसलिए आए क्योंकि ये संगठन इस इलाके में हिंसा फैलाते हैं और इनको लेकर चिंताएं हैं। 

- बता दें कि ब्रिक्स डिक्लरेशन में पहली बार पाकिस्तान के इन आतंकी संगठनों के नाम शामिल किए गए हैं। शुआंग ने कहा- यूएन सिक्युरिटी काउंसिल इन ऑर्गनाइजेशंस पर बंदिशें लगा चुकी है। ये अफगानिस्तान के मसले पर भी असर डालते हैं।