IITs में पढ़ सकेंगे SAARC देशों के छात्र, पर पाकिस्तान के नहीं

नई दिल्ली (29 जून): अगले साल से अफ्रीका और सार्क देशों के छात्रों को भी भारत के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजेज़ में पढ़ाई के लिए एडमिशन लेने का मौका मिलेगा। सरकार ने इसके लिए विदेशों में एडमिशन टेस्ट कराने की योजना भी बनाई है। लेकिन इस योजना में पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है।

'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने फैसला किया है कि साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोऑपरेशन (SAARC) के 8 देशों में से एक- पाकिस्तान के छात्र इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी में पढ़ाई नहीं कर सकेंगे। ना ही वे ज्वाइंट इंजीनियरिंग एक्ज़ामिनेशन (JEE) में बैठ सकेंगे।

इससे पहले फैसला किया गया था कि मंत्रालय JEE (एडवांस्ड) कंडक्ट कराएगा। जिसमें भारत के टॉप टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स के लिए कैंडिडेट्स चुने जाते हैं। इसके अलावा पाक, बांग्लादेश, नेपाल और दुबई में GATE कराया जाएगा। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए JEE (एडवांस्ड) चेयरपर्सन्स टारगेट देशों के स्कूलों में जाएंगे। जिससे वे IITs की तरफ स्टूडेंट्स का ध्यान खींच सकें। जिसकी पूरी दुनिया में एक अच्छी पहचान है।

मानव संसाधन मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, "ऐसे कई मुद्दे थे, जिनपर ध्यान दिया गया। जैसे कि क्या पाकिस्तानी छात्र वीज़ा पा सकेंगे या नहीं, अगर हम वहां एक्जाम कराने का फैसला करते। इसलिए हमने वहां एंट्रैंस एक्जाम ना कराने का फैसला किया।" उन्होंने बताया कि अन्य देशों के लिए अगस्त से फील्डवर्क शुरू किया जाएगा।

गौरतलब है, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय रिश्ते सर्वश्रेष्ठ अवसरों में भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। यहां तक कि खेल जैसे क्षेत्रों में भी बिखराव की स्थिति बनी हुई है। दोनों देशों के बीच की अंतर दूर ना हो पाने की स्थिति में सार्क की कुछ पहल भी आगे नहीं बढ़ पाईं। जिनमें साउथ एशिया ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर भी शामिल है।