IIT-JEE का यह टॉपर सीधे हाथ से लिख नहीं पाता...

कानपुर (17 जून): प्रतिभा के आगे शारीरिक अक्षमता भी कोई मायने नहीं रखती। आईआईटी में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षा- ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) में कानपुर जोन टॉपर नीलीश वर्मा ने साबित कर दिया कि जो काम सीधे हाथ से नहीं कर सकते, उस मुकाम तक उल्टे हाथ की मदद से पहुंचा जा सकता है। यही वजह है कि उसकी सफलता तमाम बच्चों के लिए मिसाल बन गई है।

दरअसल, ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले नीलेश वर्मा के सीधे हाथ में सिर्फ तीन अंगुलियां हैं। इसकी वजह से उसे लिखने में खासी परेशानी होती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए उसने उल्टे हाथ से लिखना शुरू कर दिया। उसने 10वीं की परीक्षा में 93.3% और 12वीं में 93.60% अंक हासिल किये।

स्कूल के टीचर बताते हैं कि नीलेश ने अपनी पढ़ाई को हमेशा से गंभीरता से लिया। परिवार की आर्थिक हालत अच्‍छी नहीं होने के चलते स्कूल मैनेजमेंट ने नीलेश का पूरा साथ दिया। नीलेश बताते हैं कि कॉलेज ने कॉपी-‍किताबें और स्‍कूल फीस नहीं ली। यही नहीं जब स्‍कूल के टीचर्स को उसके टॉप करने के बारे में पता चला, तो पूरा स्टाफ उन्हें बधाई देने घर पहुंच गया। अपनी सफलता पर नीलेश ने कॉलेज के प्रिंसिपल राम मिलन सिंह का भी आभार व्यक्त किया।

नीलेश बताते हैं कि वह रोज 6-8 घंटे तक पढ़ाई करते हैं। उनकी दोस्‍ती किताबों से है और टीवी देखना तो पूरी तरह बंद कर दिया था। कॉलेज के टीचर्स की पढ़ाई गई चीजों का बारीकी से अध्ययन करना और बार-बार सवालों को हल करना ही सफलता की कुंजी बनी। 

इफ्को के प्रबंध निदेशक डॉ उदय शंकर अवस्थी ने नीलेश को 51,000 रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। उन्होंने कॉलेज में पढ़ने वाले एक अन्य किसान के पुत्र मलखान सिंह को भी 21,000 रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। इस मौके पर डॉ अवस्थी ने कहा कि पैसों की कमी से प्रतिभाशाली छात्रों की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए।