शरद यादव ने यूपी में भी महागठबंधन के दिए संकेत

लखनऊ (31 जनवरी): जनता दल (यू) के मुखिया शरद यादव ने यूपी में राष्ट्रीय लोकदल के साथ गठबंधन करने का स्पष्ट संकेत दिए है। उन्‍होंने कहा कि फरवरी में राज्य की तीन विधानसभा सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव में उनकी पार्टी रालोद के उम्मीदवारों का समर्थन करेगी।

यादव ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में भी महागठबंधन बनाने के लिए बातचीत चल रही है। उन्‍होंने बताया कि हमारी पार्टी 13 फरवरी को बीकापुर, मुजफ्फरनगर और देवबंद विधानसभा सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में रालोद के उम्मीदवारों को समर्थन देगी।

गौरतलब है कि रालोद के प्रमुख अजीत सिंह ने कुछ दिन पहले जदयू अध्यक्ष शरद यादव के साथ बैठक हुई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने भाजपा के खिलाफ एक बड़ा गठबंधन बनाने की विस्तृत रूपरेखा पर भी चर्चा की थी। राज्य के दोनों बड़े दलों सपा और बसपा ने किसी भी गठबंधन में शामिल होने की संभावना को पहले ही खारिज कर दिया है।

महागठबंधन में समाजवादी पार्टी को शामिल किये जाने की संभावना पर शरद ने कहा कि हमने तो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को महागठबंधन का नेता बनाया था। वे ही महागठबंधन से बाहर चले गये। बिहार चुनाव के लिए बने जद (यू), राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था और भाजपा को करारी शिकस्त दी थी।

शरद यादव ने सपा भाजपा में किसी तरह की सांठगांठ के बारे में हुए सवाल पर कुछ कहने से इंकार कर दिया। वर्ष 1991 में उत्तर प्रदेश में जनता दल के पास 22 लोकसभा सीटें थी। मगर उसमें विघटन हो गया था और मुलायम सिंह यादव और चंद्रशेखर ने अलग समाजवादी जनता पार्टी बना ली थी। उसके बाद जनता दल और बाद में जनता दल (यू) का इस राज्य में प्रभाव कमजोर पड़ने लगा। वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में उसे अविभाजित उत्तर प्रदेश में 425 सीटों में से केवल छह सीटें मिली थी और 2002 में केवल दो।