जेपी को कोर्ट की फटकार, इस बार भेज देंगे तिहाड़

नई दिल्ली (10 जनवरी): ग्राहकों को मकान नहीं दे पा रहे जेपी असोसिएट लिमिटेड (JAL) को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने दिवालिया कानून के तहत कार्रवाई शुरू करने की इजाजत देने से पहले पूछा है कि देशभर में उनके कितने प्रॉजेक्ट चल रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने जेपी को इसके लिए एक एफिडेविट फाइल करके यह बताने को कहा है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में उनके कितने हाउसिंग प्रॉजेक्ट चल रहे हैं और इस वक्त उनकी स्थिति क्या है, मतलब उनका कितना निर्माण कार्य हो चुका है?

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जेपी ग्रुप को जल्द ही 125 करोड़ रुपये जमा कराने को कहा है। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो इसे कोर्ट की अवमानना समझा जाएगा, जिसके लिए उससे जुड़े लोगों को तिहाड़ भी भेजा जा सकता है।

दरअसल, यह पैसा उन दो हजार करोड़ रुपये का हिस्सा है, जिसको देने का ऑर्डर सुप्रीम कोर्ट ने पहले दिया था। यह पैसे जेपी द्वारा बनाई जा रहीं सोसाइटीज में घर खरीदने वाले उन लोगों को लौटाया जाएगा, जिन्हें अबतक घर नहीं मिला है। जेपी को 25 जनवरी तक 125 करोड़ रुपये देने होंगे।