शतक जड़ने के बाद बोले जयंत, कहा- उम्मीद नहीं थी

नई दिल्ली(12 दिसंबर): चौथे दिन के पहले सेशन मे विराट के बल्ले से 65 तो जयंत के बैट से 62 रन निकले। रन बनाने के मामले में विराट को बराबरी की टक्कर देने के सवाल पर जयंत ने कहा कि मैं जब बैटिंग कर रहा था, तो विपक्षी कैप्टन ने ज्यादा अटैकिंग फील्ड लगाई और जब विराट बैटिंग कर रहे थे, तब सामने वाली टीम डिफेंसिव हो गई। यहीं वजह रही कि मुझे खराब बॉल पर ज्यादा से ज्यादा रन बनाने के मौके मिले और मैंने इनका फायदा भी उठाया।

- नौवें नंबर पर बैटिंग करते हुए भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट में सेंचुरी बनाने वाले हरियाणा के ऑलराउंडर जयंत यादव का कहना है कि रणजी ट्रोफी में खेलने से उन्हें एक बेहतर बैट्समैन बनने में मदद मिली।

- जयंत ने यह भी कहा कि जब वह चौथे दिन बैटिंग करने उतरे, तब उन्होंने शतक जड़ने के बारे में सोचा तक नहीं था। जयंत ने कहा कि ईमानदारी से कहूं, तो जब सुबह मैं बैटिंग करने के लिए उतरा तो मेरा ध्यान हाफ सेंचुरी पूरी करने पर था क्योंकि मैं उससे 20 रन दूर था।

- जयंत ने अपनी बैटिंग के बारे में कहा कि जूनियर लेवल से क्रिकेट खेलना शुरू करने के बाद से ही मैं उपयोगी बैट्समैन था। हालांकि मैं और अच्छा बैट्समैन बनना चाहता था और यह संभव हुआ रणजी ट्रोफी खेलकर। मेरी रणजी टीम ने मुझे काफी मदद की। मौजूदा टेस्ट 

सीरीज में मैं बैटिंग ऑर्डर में काफी नीचे बैटिंग कर रहा हूं, लेकिन फिर भी मेरे कंधों पर भी जिम्मेदारी है। जिम्मेदारी लेकर ही कोई भी प्लेयर ऑलराउंडर बन सकता है।

- जयंत ने कहा, 'मैंने अपनी पहली सेंचुरी नंबर 9 पर ही बैटिंग करते हुए बनाई है। यही कारण है कि मैं नंबर 9 पर ही ठीक हूं।'