जयललिता का दोबारा हुआ अंतिम संस्कार, जानें क्यों

नई दिल्ली(14 दिसंबर): तमिलनाडु की सीएम जयललिता ब्राह्मण थीं, इसके बावजूद उन्हें उनके राजनीतिक गुरू एमजी रामचंद्रन की समाधि के बगल में दफनाया गया लेकिन इस बात पर अब विवाद उत्पन्न हो गया है, इसलिए अब खबर आ रही है कि मंगलवार को उनके रिश्तेदारों ने उनका हिंदू रीति-रिवाज से दोबारा अंतिम संस्कार किया।- एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक जयललिता को 'मोक्ष' मिले इसलिए अम्मा के रिश्तेदारों ने श्रीरंगपटना में कावेरी नदी के तट पर उनका दाह संस्कार किया। मुख्य पुजारी रंगनाथ लंगर ने दाह संस्कार की रस्में पूरी करवाईं।- दाह संस्कार में जया के शव की जगह एक गुड़िया को उनके प्रतीक के रूप में रखा गया था, अभी भी इस संस्कार की कुछ रस्में बाकी हैं जिसे अगले पांच दिनों तक पूरा कर लिया जाएगा।- जया के सौतेले भाई वरदराजू ने किया विरोध खबर के मुताबिक इस संस्कार में जया के सौतेले भाई वरदराजू मुख्य तौर पर शामिल हुए और उन्होंने जया के दफनाए जाने का पुरोजर विरोध भी किया। गौरतलब है कि जयललिता की बीमारी से निधन तक के सफर में उनका एक भी परिवार वाला या रिश्तेदार शामिल नहीं हुआ था। अंतिम संस्कार की सारी रस्में जयललिता की करीबीं शशिकला ने निभाई थीं, उन्होंने ही जया के दफनाने का फैसला लिया था।