जयललिता की मौत पर हाईकोर्ट का सवाल, कहा-जांच के लिए शव को क्यों नहीं निकाल सकते बाहर ?

चेन्नई (29 दिसंबर): तमिलनाडु की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री और AIADMK प्रमुख जयललिता की मौत पर सवाल उठने लगे हैं। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि उन्हें भी जयललिता की मौत पर शक है। हाईकोर्ट ने कहा कि हम मामले की सही जांच के लिए हम जरूरत पड़ने पर जयललिता के शव को कब्र से क्यों नहीं निकलवा सकते?' इस संबंध में कोर्ट ने पीएम नरेंद्र मोदी और राज्य सरकारों को भी नोटिस देकर यही सवाल पूछा है।

काफी समय से बिमार चल रही जयललिता की चेन्नई के अपोलो अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से इसी महीने 5 दिसंबर को मौत हो गई थी। जयललिता फेफड़ों में संक्रमण की वजह से पिछले 75 दिनों से इसी अस्पताल में भर्ती थीं।

गौरतलब है कि जयललिता की मौत की जांच संबंधी याचिका AIADMK कार्यकर्ता पीए जॉसेफ ने एक याचिका दायर की है। इससे पहले जयललिता की मौत की जांच के लिए AIADMK से निष्कासित सांसद शशिकला पुष्पा ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। पुष्पा ने आरोप लगाया कि जयललिता की वास्तविक मेडिकल स्थित को उजागर नहीं किया गया। किसी को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। जयललिता के भर्ती होने से लेकर मौत तक की सभी जानकारी को गुप्त रखा गया।