जयललिता के शपथ ग्रहण समारोह में बेटे स्टालिन के 'अपमान' से करुणानिधि आगबबूला

चेन्नई (23 मई) :  डीएमके सुप्रीमो एम करुणानिधि आगबबूला है। दरअसल, जयललिता के शपथ ग्रहण समारोह में करुणानिधि के बेटे एमके स्टालिन से जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे डीएमके अध्यक्ष बेहद ख़फा हैं। करुणानिधि का कहना है कि ऐसा करके उनकी पार्टी का अपमान किया गया। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जयललिता की कड़ी आलोचना की।

करुणानिधि ने एक बयान में कहा कि स्टालिन को भीड़ के बीच बैठने के लिए मजबूर किया गया। यहां तक कि हारे हुए उम्मीदवार लेकिन जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके के सहयोगी आर शरत को भी आगे की पंक्ति में जगह दी गई।

करुणानिधि ने कहा, "डीएमके का सुनियोजित ढंग से 'अपमान'  किया गया। मुख्य विपक्षी दल डीएमके के नेता के नाते स्टालिन आगे की पंक्ति में सीट के पूरे हकदार थे क्योंकि डीएमके ने 89 सीट जीती हैं। लेकिन स्टालिन को शरत कुमार से भी पीछे भीड़ में जगह दी गई।"  

बता दें कि सफेद कमीज और धोती पहने स्टालिन को मद्रास यूनिवर्सिटी में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान 16वीं पंक्ति में देखा गया था। इस बार तमिलनाडु में ये नया बदलाव देखा गया कि विपक्ष के नेता शपथ ग्रहण समारोह में आए। इससे पहले विपक्ष के नेता शपथ ग्रहण समारोह से दूर ही रहते थे। स्टालिन के साथ डीएमके नेता ई वी वेल्लु, पोनमुडी, विधायक शेखर बाबू और वगाई चंद्रशेखर को भी बैठे देखा गया।