जया से अम्मा बनने तक का सफर

नई दिल्ली(6 दिसंबर): जयललिता एक ऐसा नाम जिसके बिना न तमिल राजनीति और न ही तमिल सिनेमा पूरा हो सकता है। जयललिता शुरु से ही एक कामयाब वकील बनना चाहती थीं। लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था उन्हें पहले फिल्मों और फिर राजनीति में धकेल दिया। 

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की सेहत 22 सितंबर 2016 से ही दिन-प्रतिदिन खराब होती गई। अपोलो के डॉक्टरों के मुताबिक सभी प्रकार के संभावित प्रयासों के बावजूद जयललिता को नहीं बचाया जा सके।

जयललिता का शुरुआती सफर

24 फरवरी 1948 को जयललिता जयराम का जन्म कर्नाटक के मैसूर में एक हिंदू परिवार में हुआ। वे पुरानी मैसूर स्टेट के मांड्या जिले के पांडवपुरा तालुक के मेलुरकोट गांव में पैदा हुई थीं। उनके दादा मैसूर राज्य में एक सर्जन थे और उनके परिवार के बहुत से लोगों के नाम के साथ जय (विजेता) का लगाया जाता है। जब वे दो साल की थीं तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई। उनका जीवन शुरु से ही संघर्षपूर्ण था। पिता की मौत के बाद जयललिता मां वेदवल्ली ने तमिल सिनेमा में काम करना शुरू कर दिया और अपना नाम बदल कर संध्या रख लिया।

कई सुपरस्टार के साथ किया काम

जयललिता ने अपनी पढ़ाई नाना-नानी के पास रहकर बंगलुरू के बिशप कॉटन स्कूल से की। मां के कहने पर उन्होंने 15 वर्ष की उम्र में फिल्मों में काम करना शुरु कर दिया। यह 15 साल की लड़की आगे चलकर एक सुप्रसिद्ध तमिल एक्ट्रेस बनीं। हालांकि एक विद्यार्थी के तौर पर भी पढ़ाई में उनकी काफी रुचि रही। जयललिता ने एम जी रामचंद्रन के साथ 28 फिल्मों में काम किया। एमजीआर तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थे और भारतीय राजनीति के सम्मानित नेताओं में थे।

शम्मी कपूर की फिल्म 'जंगली' ऑल टाइम फेवरिट

जयललिता स्कूल के दिनों में क्रिकेटर नारी कॉन्ट्रैक्टर और बॉलीवुड अभिनेता शम्मी कपूर की दीवानी हुआ करतीं थी। नारी कॉन्ट्रैक्टर को देखने के लिए वे अक्सर टेस्ट मैच देखने जाया करतीं थी और शम्मी कपूर की फिल्म 'जंगली' उनकी ऑल टाइम फेवरिट फिल्म है। उन्होंने दक्षिण भारत में उस दौर के लगभग सभी सुपरस्टारों, मसलन, शिवाजी गणेशन, जयशंकर, राज कुमार, एनटीआर यानी एन टी रामाराव और एम जी रामचंद्रन यानी एमजीआर के साथ काम किया।  

क्यों बुलाते हैं अम्मा

15 साल की उम्र में से जया ने फिल्मों में अभिनय शुरू कर दिया। वे तमिल, तेलुगू, कन्नड की फिल्मों के अलावा एक हिंदी फिल्म (इज्जत) में भी काम किया है। 1965 से 1972 के दौर में उन्होंने अधिकतर फिल्में एमजी रामचंद्रन के साथ की। जयललिता ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कडगम की महासचिव हैं। उनके समर्थक उन्हें अम्मा और पुरातची तलाईवी (क्रांतिकारी नेता) कहकर बुलाते हैं।