जयललिता को कभी नहीं मिला था ‘बिना शर्त प्रेम’

नई दिल्ली (5 दिसंबर): तमिलनाडु की सीएम जे. जयललिता का निधन हो गया है। लेकिन इस बीच वह अपने पीछे कुछ ऐसी कहानियां छोड़ गई है, जिनके बारे में शायद ही कोई जानता होगा। एक बार एक इंटरव्यू के दौरान जयललिता ने बताया कि कैसे उनके भीतर भी एक आम इंसान की तरह दुख, गुस्सा, हताशा और खुशी की भावनाएं जन्म लेती हैं( लेकिन एक लीडर होन के कारण उन्हें उन भावनाओं पर काबू करना होता है।

जयललिता ने बताया था कि वे निजी तौर पर बहुत ही शर्मीली और खुद में सीमित रहने वाली शख्स हैं। उन्हें दुनिया के सामने अपनी भावनाओं को प्रदर्शित करना पसंद नहीं है। किस्मत ने उन्हें दो-दो हाई-प्रोफाइल करियर में धकेल दिया, जिस कारण वे पब्लिक लाइम-लाइट में आ गईं, जबकि वे निजी तौर पर पर्दे के पीछे रहना पसंद करती हैं।

एक रुढ़िवादी तमिल अयंगर परिवार में जन्मीं जयललिता की परवरिश बहुत ही पारंपरिक तरीके से हुई थी, उनका पालन-पोषण उनके नाना-नानी के घर हुआ था, क्योंकि उनकी मां 20 साल की उम्र में ही विधवा हो गईं थी। तब जे. जयललिता दो साल की थीं। बाद के दिनों में जे जयललिता की मां को फिल्मों में काम करने का मौका मिला और वे फिल्मों में व्यस्त हो गईं।

कभी ‘बिना शर्त प्रेम’ नहीं मिला

जयललिता के मुताबिक, उन्हें अपने जीवन में कभी भी ‘बिना शर्त प्रेम’ नहीं मिला। उनके मुताबिक फिल्मों और राजनीति दोनों ही जगह ‘मेल शॉविनिज़्म’ हावी है, लेकिन फिल्मों जहां महिलाओं के बगैर काम नहीं चल सकता, वहीं राजनीति में कोई उन्हें आसानी से हाशिये पर नहीं डाल सकता।

वीडियो:

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