जया बच्चन के एक डिनर ने बदल दी अमिताभ और रेखा की जिंदगी

मुंबई (10 अप्रैल): बॉलीवुड की टॉप हीरोइन रहीं जया बच्चन का जन्मदिन है और वो 68 साल की हो चुकी हैं। जया को याद करते ही अमिताभ खुद ब खुद याद आ जाते हैं औऱ ये भी कि कैसे जया ने अपने प्यार के बल पर अमिताभ को जीता। लेकिन आखिर ये सब हुआ कैसे? 1977 का वो दौर था जब रेखा मांग में सिंदूर भरकर और मां बनने की खबरें मीडिया में देकर अमिताभ से रिश्ता जगजाहिर करने में लगी थी और दूसर   एक दिन जब अमिताभ किसी शूटिंग के सिलसिले में मुंबई से बाहर थे। उस दिन जया ने रेखा को फोन किया। जया का फोन उठाते हुए रेखा सोच रही थी कि जया भला बुरा सुनाएंगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।   जया ने फोन करके रेखा को अपने घर डिनर पर बुलाया। रेखा सोच रही थी कि जया अपने घर बुलाकर उन्हें बेइज्जत करेंगी और रोना पीटना मचेगा।   रात के वक्त रेखा सज धज कर जया के घर पहुंची। रेखा के मुकाबले जया बिलकुल सादे कपड़ों में थी। उन्होंने रेखा का स्वागत किया और ढेर सारी बातचीत की। लेकिन इस बातचीत में अमिताभ का जिक्र बिलकुल नहीं था।   जया ने रेखा को अपने घर का इंटीरियर दिखाया, गार्डन दिखाया और काफी सत्कार किया। डिनर के बाद जब रेखा घर लौटने लगी तो उन्हें विदा करते हुए जया ने एक खास बात कही जिसे सुनकर रेखा के पैरों तले जमीन खिसक गई।   रेखा ने दरवाजे पर रेखा से कहा 'चाहे कुछ भी हो जाए, मैं अमित को नहीं छोड़ूंगी'। अगले दिन मीडिया में जया के डिनर और रेखा पर खूब किस्से चले लेकिन न तो जया ने कुछ कहा और न ही रेखा ने मुंह खोला। लेकिन इस डिनर के बाद एकाएक अमिताभ की जिंदगी काफी बदल गई। उन्होंने रेखा से दूरी बना ली क्योंकि उन्हें पता चल चुका था कि जया उनके और रेखा के बारे में जान गई हैं लेकिन परिवार की खातिर वो मुंह नहीं खोलेंगी।   जानकार कहते हैं कि अगर जया वो डिनर न करती तो शायद आज रेखा उनकी जिंदगी में दूसरी औरत बनने में सफल हो गई होती।