रियो पैरालिंपिक: करंट लगने से काटना पड़ा था हाथ, अब जीता गोल्‍ड

नई दिल्ली (14 सितंबर): कहते हैं अगर इंसान जिंदगी में कुछ करने की ठान ले तो उसे कोई नहीं रोक सकता। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है राजस्थान के चूरू जिले के रहने वाले देवेंद्र झाझरिया ने। 35 साल के देवेंद्र झाझरिया ने जैवेलिन थ्रो में देश के लिए गोल्ड जीता। यह पैरालिंपिक करियर में उनका दूसरा गोल्ड है।

ब्राजील के रियो में यहां चल रहे पैरालिंपिक में देवेंद्र झाझरिया ने 63.97 मीटर जैवेलिन फेंका और 2004 के एथेंस पैरालिंपिक में बनाया 62.15 मीटर का अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। एथेंस में भी उन्हें गोल्ड मिला था।

करंट से झुलसा हाथ पड़ा था काटना... - देवेंद्र जब आठ साल के थे, तब एक बार गांव में पेड़ पर चढ़ रहे थे। - तभी उनका हाथ बिजली के तार से लग गया। 11000 वोल्ट के करंट के कारण पूरा हाथ झुलस गया।

- डॉक्टरों ने बहुत कोशिश की, लेकिन बायां हाथ काटना पड़ा। - हाथ खोने के बावजूद देवेंद्र ने देश के लिए साउथ कोरिया में हुए 2002 के FESPIC गेम्स, एथेंस 2004 पैरालिंपिक, 2013 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप और अब रियो पैरालिंपिक में गोल्ड जीता है।

- 2014 के एशियन गेम्स में वे सिल्वर जीत चुके हैं। - मार्च 2012 में उन्हें राष्ट्रपति ने पद्मश्री से भी सम्मानित किया था। यह सम्मान पाने वाले वे पहले पैरालिंपियन हैं। - 2004 में एथेंस पैरालिंपिक में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने पर उन्हें उसी साल अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।