पाक राष्ट्रीय दिवस पर हुर्रियत नेताओं ने मोदी सरकार को कोसा, जावड़ेकर थे मौजूद

नई दिल्ली (24 फरवरी) : पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर यहां पाक उच्चायोग में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर शामिल हुए। बुधवार को इसी कार्यक्रम में मौजूद हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी और उदारवादी धड़ों ने कश्मीर समस्या के हल के लिए 'राजनीतिक दृष्टिकोण' अपनाने की मांग की और मोदी सरकार के 'कठोर रवैये' की निंदा की।

इस मौके पर पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने कहा कि उनका देश 'कई दौर और चुनौतियों से' गुजरा है, लेकिन पाकिस्तान के लोगों की 'सहनशक्ति' ने देश को लोकतंत्र, स्थिरता एवं खुशहाली की तरफ बढ़ाए रखा है।

पिछले साल इसी कार्यक्रम में जावड़ेकर के मंत्रिमंडल सहयोगी वी के सिंह के शामिल होने पर उनकी कड़ी आलोचना की गई थी। जावड़ेकर कार्यक्रम में करीब 20 मिनट रहे और कार्यक्रम से इतर पाकिस्तान के लोगों को अपनी ओर से 'शुभकामनाएं' दीं।

हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बीजेपी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार कश्मीर को लेकर 'वाजपेयी की नीति' का पालन करेगी, लेकिन मोदी सरकार ने अपना रुख 'कड़ा कर लिया।' उन्होंने कहा कि तीनों पक्षों - हुर्रियत, कश्मीरियों और पाकिस्तान - को शामिल किए बिना अशांत सीमाई राज्य की समस्याओं के हल में सफलता नहीं मिलेगी।

फारूक ने कहा, 'हम उम्मीद कर रहे थे कि बीजेपी वाजपेयी की नीति की तरफ लौटेगी, लेकिन अब तक इस तरह का कोई संकेत नहीं मिला है। इसके उलट उसने अपना रुख कड़ा कर लिया। कश्मीर की समस्या कोई आर्थिक या विधि-व्यवस्था की समस्या नहीं है, यह एक राजनीतिक मुद्दा है। जब तक राजनीतिक दृष्टिकोण नहीं अपनाया जाता, कोई प्रगति नहीं होगी।'

गौरतलब है कि अलगाववादियों के संविधान के दायरे में बातचीत करने पर सहमत ना होने के बाद 2003 में कश्मीर की अपनी यात्रा के दौरान वाजपेयी ने कहा था कि उनकी सरकार कश्मीर मुद्दे पर अलगाववादियों के साथ 'इंसानियत के दायरे में' वार्ता करेगी।

वहीं हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि मोदी सरकार यूपीए सरकार से अलग नहीं है, जिसने भी कश्मीर को लेकर एक 'कठोर रुख' अपनाया था। उन्होंने कहा, 'भारत खुद को एक लोकतांत्रिक देश बताता है। लेकिन मुसलमानों, सिखों, दलितों सहित अल्पसंख्यक समुदायों के साथ उसके व्यवहार से अलग ही तस्वीर दिखती है।'