हरियाणा में जाट आंदोलन को लेकर अलर्ट, इंटरनेट सर्विस पर बैन

नई दिल्ली(5 जून): हरियाणा में जाट आंदोलन आज से फिर से शुरू हो रहा है। आंदोलन को देखते हुए शनिवार शाम को सोनीपत में इंटरनेट सर्विस और बल्क मैसेज पर बैन लगा दिया गया। पिछली बार हिंसा प्रभावित जिलों में धारा 144 लागू है। 9 जिलों में पैरामिलिट्री फोर्स की 41 कंपनियां तैनात हैं। स्टेट गवर्नमेंट ने पुलिसकर्मियों की छुटि्टयां रद्द कर दी हैं।

सीआईडी आंदोलनकारियों पर निगरानी रखे है। सरकार ने आंदोलनकारी को सख्च चेतावनी देते हुए कहा है कि रेलवे ट्रैक, रोड, बिजली, बस, जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई होगी।  

क्या है जाटों की मांग

- फरवरी में हुए आंदोलन के दौरान हिंसा, को लेकर जाट युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। गिरफ्तार युवाओं को रिहा किया जाए। 

- आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी की भी मांग की जा रही है। 

- जाटों समेत 6 जातियों को आरक्षण संबंधी विधेयक सरकार ने पारित कर दिया है। लेकिन अभी यह मामला कोर्ट में अटका हुआ है। जाट चाहते हैं कि सरकार कोर्ट में आरक्षण की पैरवी मजबूती से करे।

इस बीच मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हमारी सबसे बातचीत हुई है। जाट नेताओं ने सांकेतिक प्रदर्शन की बात कही है। मैं समझता हूं कि 5 जून को ऐसा कोई विषय नहीं होने वाला, जिससे चिंता हो। हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार है। जनता भरोसा रखे। कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।