जाट आंदोलन में घायलों के लिए खट्टर सरकार ने किया मुआवजा घोषित

नई दिल्ली (18 फरवरी): जाट आंदोलन के दौरान घायल हुए लोगों को हरियाणा की खट्टर सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया। साल 2016 की फरवरी में हुई हिंसा में 30 लोग मारे गए थे और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

इस हिंसक आंदोलन के दौरान करोड़ों रुपये की सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा जाट समुदाय के अगले कदम से एक दिन पहले की है। जाट समुदाय रविवार को इस हिंसा की पहली वर्षगांठ पर ‘बलिदान दिवस’ मनाने का आह्वान किया है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने खट्टर के हवाले से कहा, ‘2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जो घायल हुए थे, उनके लिए मुआवजा जारी करने का फैसला किया गया है। उस दौरान जो व्यक्ति गोली से घायल हुआ था, उसे एक लाख रुपए दिए जाएंगे, जिस व्यक्ति की हड्डी टूटी थी, उसे 50,000 रुपये और जिन्हें मामूली चोटें आई थीं, उन्हें 25,000 रुपये दिए जाएंगे।’

ये मुआवजे मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी किए जाएंगे और उपायुक्तों को तुरंत राशि जारी करने का निर्देश दिया गया है। इस हिंसा में 30 लोग मारे गए थे, जिसमें से हरियाणा सरकार ने 17 के परिवारों को मुआवजा और नौकरी दी है, जबकि बाकी के 13 लोगों को दंगाई घोषित किया गया है।