जाट आंदोलन: रक्षा मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

नई दिल्‍ली (21 फरवरी): हरियाणा में जाट आरक्षण पर हिंसक आंदोलन जारी है। देर रात केंद्रीय मंत्री और जाट नेता संजीव बालियान आरक्षण के मसले पर 50 से अधिक जाट नेताओं के साथ गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले। मुलाकात में राजनाथ सिंह ने आज शाम तक जाट आरक्षण को लेकर हाईलेवल कमेटी बनाने का भरोसा दिलाया है। इसी के साथ जाट आंदोलन ने निपटने के लिए रक्षा मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। सेना प्रमुख से कहा रात तक पूरे प्रदेश को नियंत्रण में लाए सेना।

वहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुड्डा जाटों के आरक्षण के समाधान के लिए अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने वाले हैं। उनके साथ उनके बेटे और रोहतक से सांसद दीपेंदर सिंह हुड्डा भी होंगे। हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से जारी जाट आंदोलन के कारण अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 70 से ज्यादा लोग ज़ख़्मी हुए हैं। पूरे हरियाणा में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान आंदोलनकारियों के 45 नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक राज्य के विभिन्न पुलिस थानों में 191 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

हरियाणा में आरक्षण की जंग को लेकर बड़ा हाहाकार मच गया है। ओबीसी कोटे में आरक्षण की मांग पर अड़े जाटों के आंदोलन ने हरियाणा के नौ शहरों को अपनी चपेट में ऐसा लिया है कि पांच शहरों में कर्फ्यू लगाना पड़ गया है। सेना और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां फ्लैग मार्च कर रही हैं। हरियाणा में इस वक्त कम से कम पांच सौ सड़कों पर जाट जाम लगाकर बैठ गए हैं। दिल्ली तक इसका असर देखने को मिलने लगा है।

यूपीए सरकार ने 2014 में हरियाणा समेत 9 राज्यों में जाटों को ओबीसी में लाने का फैसला किया था। फिर सुप्रीम कोर्ट ने जाटों को पिछ़ड़ा मानने से इनकार किया और 17 मार्च 2015 को सरकार का ऑर्डर रद्द कर दिया। सरकार ने रिव्यू पिटीशन लगाई। कोर्ट ने पिछले हफ्ते उसे भी खारिज कर दिया और कहा कि पिछला ऑर्डर ही सही है। यही वजह है कि अब जाट अड़े हैं कि विधेयक लाकर खट्टर सरकार जाटों का आरक्षण दें। इसीलिए आंदोलन छेड़ दिया।