गेंदबाज बुमराह के दादा आर्थिक संकट का कर रहे हैं सामना

राजीव चावला, ऊधमसिंह नगर(2 जुलाई): भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को कौन नहीं जानता। लेकिन जसप्रीत बुमराह के परिवार की हकीकत सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। वक्त की मार से परिवार किस मुफलिसी के दौर से गुजर रहा है।

जसप्रीत बुमराह के दादा संतोख सिंह उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के छोटे से कस्बे किच्छा में आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किराये के टूटे फूटे कमरे में रह कर वो टैम्पू चलवाकर कर अपनी और अपने छोटे दिव्यांग बेटे के साथ आजीविका चला रहे है।

84 साल के बुजुर्ग संतोख सिंह बुमराह को अपनी मुफलिसी जिंदगी से कोई शिकायत नहीं है, वो इसे सब कुदरत की देन मानते हैं। लेकिन अपने बेटे जसवीर सिंह के बेटे जसप्रीत को भारत की क्रिकेट टीम में तेज गेंदबाजी करते टीवी स्क्रीन पर देख कर उन्हें अपने खून पर फक्र होता है। संतोख सिंह का कहना है कि जीवन के आखरी पड़ाव में पोते को गले लगा कर प्यार कर सके। उसे आर्शीवाद दे सके। उनका दिव्यांग बेटा भी अपने भतीजे से मिलने के लिये बेताब है।

क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह के दादा की आर्थिक संकट की जानकारी मिलने पर एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाकर जानकारी ली और उनको आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही सडीएम दुर्गापाल ने बताया कि संतोख सिंह की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त किसी अन्य मद से भी उनकी मदद के प्रयास किए जाएंगे। एसडीएम ने संतोख सिंह को उनके पोते क्रिकेटर जसप्रीत सिंह बुमराह से मिलाने का भरोसा दिया।