जापान के ओहसुमी को चिकित्सा का नोबेल

नई दिल्ली (4 अक्टूबर):जापान के योशिनोरी ओहसुमी को 'ऑटोफेजी' से संबंधित उनके काम के लिए इस साल का नोबेल चिकित्सा पुरस्कार दिया जाएगा। ऑटोफैजी एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कोशिकाएं 'खुद को नष्ट करती हैं' और उन्हें बाधित करने पर पार्किंसन, मधुमेह जैसी बीमारियां हो सकती हैं। ऑटोफेजी कोशिका शरीर विज्ञान की एक मौलिक प्रक्रिया है जो कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त हिस्से के सही पुनर्चक्रण के लिए जरूरी है और इसकी बेहतर समझ का मानव स्वास्थ्य व कैंसर सहित दूसरी बीमारियों के लिए बड़ा निहितार्थ है।

नोबेल जूरी ने कहा कि ओहसुमी की खोज से 'कोशिकाएं अपनी सामग्रियों को किस तरह पुनर्चक्रित करती हैं, इसे समझने के लिए एक नया प्रतिमान स्थापित हुआ। ऑटोफेजी जीन में बदलाव से बीमारियां हो सकती हैं और ऑटोफेजी की प्रक्रिया कैंसर, मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों जैसी कई स्थितियों में शामिल होती हैं।