जापान में भीषण बारिश के चलते 200 की मौत, कई लापता

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 जुलाई): जापान के पश्चिमी हिस्सों में 36 वर्ष के बाद पहली बार आई भीषण बाढ़ और वर्षाजनित घटनाओं की वजह से मरने वालों की संख्या बढक़र लगभग 200 हो गई है और तेज गर्मी और पानी की किल्लत की वजह से बीमारियों के फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है।

सरकार ने गुरुवार को बताया कि देश में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन जैसी घटनाओं की वजह से मरने वाले लोगों की संख्या बढक़र 195 हो गई है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। बारिश थमने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। एक सप्ताह से 200000 से अधिक मकानों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई है।

देश में 1982 के बाद पहली बार मौसम संबंधी इतनी बड़ी आपदा आई है। बारिश की तीव्रता में कमी आई है और बाढ़ का पानी उतरने भी लगा है लेकिन इससे सडक़ों पर कीचड़ जमा हो गया है। कुछ जगहों पर कीचड़ सूख गया है लेकिन जब राहत वाहन वहां से गुजरते हैं तो धूल का गुबार उठता है।

राहत तथा बचाव दल मलबे में लोगों की तलाश कर रहे हैं। तापमान के 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने और आद्र्रता का स्तर बहुत अधिक होने की वजह से अस्थायी शिविरों में शरण लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिविरों में क्षमता से अधिक लोगों के रहने और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण लोग बेहाल हैं।

पानी की कमी के कारण लोगों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ नहीं मिल पा रहा जिससे उन्हें लू लगने का खतरा उत्पन्न हो गया है। लोग अपने हाथ भी ठीक से नहीं धो पा रहे हैं जिससे महामारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। सरकार ने आपदा प्रभावित इलाकों में पानी के टैंकर भेजे हैं लेकिन उन से भी सीमित मात्रा में आपूर्ति की जा रही है।