कुछ यूं हुआ प्राकट्य नंद नंदन श्रीकृष्ण का

नई दिल्ली,(26 अगस्त): भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर देशभर के मंदिरों में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दीं। वहीं कुछ गोविंदाओं ने मटकीफोड़ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर जन्माष्टमी को उत्साह को दोगुना कर दिया। साथ ही छोटे-छोटे बच्चे कृष्ण कन्हैया की पोशाक पहनकर मंदिरों में झांकी देखने आए लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे।

देशभर में अधिकतर लोगों ने इस अवसर पर व्रत रखा था जिसे आधीरात के बाद मंदिरों में भगवान कृष्ण के जन्म के उद्घोष के बाद खोला गया। उत्तर भारत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर गीतों और नृत्यों का आयोजन किया गया। रात में भगवान कृष्ण की प्रतिमा को नहलाया गया और नगाड़ों की धूमधाम के साथ उन्हें फूलों से सजे पालने में बिठा कर झुलाया गया। भगवान कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा और वृंदावन में लाखों तीर्थयात्रियों ने मुख्य मंदिरों में पूजा अर्चना की तथा गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की। इस पर्व के मौके पर इस्कॉन के मंदिरों में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।