जन्माष्टमी की रात करें ये काम, होगी पैसों की बरसात


नई दिल्ली (14 अगस्त): जन्माष्टमी को लेकर उलझन के बीच कई जगहों पर लोग कृष्ण कन्हैया का जन्मदिन आज मना रहे हैं तो कई जगहों पर कल। दरअसल कृष्‍णा का जन्म भादप्रद माह कृष्‍ण पक्ष की अष्टमी को मध्य रात्रि के रोहिणी नक्षत्र में वृष के चंद्रमा में हुआ था। इस बार 14 अगस्‍त्‍ा की शाम 7.48 बजे अष्टमी तिथि लग जाएगी, जो मंगलवार शाम 5.42 बजे तक रहेगी। शास्त्रों के जानकारों के मुताबिक गृहस्थों को उस दिन व्रत रखना चाहिए जिस रात अष्टमी तिथि लग रही हो। इसके अनुसार 14 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रख सकते हैं। जो लोग वैष्णव और साधु संत हैं वह 15 अगस्त को अष्टमी तिथि में व्रत रख सकते हैं।

जन्माष्टमी की रात भगवान कृष्ण के भक्त उन्हें खुश करने के लिए तरह-तरह से पूजा अराधना करते हैं। भगवान कृष्‍णा के साथ मोर के पंख का विशेष महत्व है। मोर का पंख कन्हैया के मुकुट में लगा होता है। मोर के ये पंख सभी नौ ग्रहों का प्रतिनिधित्व करता है। अगर आपको सम्पत्ति से संबंधित कोई समस्या, अटका काम, धन और यश की हानि हो रही है तो ये मोर पंख आपके लिए साक्षात ठाकुर जी का प्रसाद है। जन्माष्टमी की रात को राधारानी के मंदिर में जाकर भगवान कृष्‍ण्‍ा के मुकुट पर मोर पंख की स्‍थापना करवाएं और उनकी प्रतिमा की पूजा करें। 40वें दिन बाद उस मोर पंख को अपने घर की तिजोरी में रख दें। मान्यता के मुताबिक इस उपाय के बाद आपकी‌ तिजोरी भरनी शुरू हो जाएगी।