ये आंकड़े पेश करते हैं बिहार में जंगलराज की कहानी!

पटना (18 मई): बिहार में नीतीश और लालू के एक साथ आने के बाद से ही लोगों को यह डर सताने लगा था कि कहीं यहां पर एक बार जंगलराज ना आ जाए। हालां‍कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरकार बनाने के वक्त घोषणा की थी कि हमारी जनता को डरना की जरूरत नहीं है, क्योंकि राज्य में किसी भी कीमत पर जंगलराज की वापिसी नहीं होगी।

बिहार भाजपा के प्रवक्ता सुरेश रूंगटा ने कुछ आकड़े पेश किए हैं जिसके मद्देनजर राज्य में 6 महीने में 642 हत्याएं, 1723 अपहरण, 1114 डकैती, 2762 दंगे एवं 342 सड़क लूट की घटनाएं हुई हैं। भाजपा के आकड़ों के मुताबिक राज्य में कुल संगीन अपराध मात्र 6 महीनों के अंदर दो लाख से ज्यादा हो चुके हैं।

भाजपा ने नीतीश से सवाल किया है कि क्या यहीं सुशासन है? क्या नीतीश इसलिए शांत बैठे है कि इससे भी ज्यादा अधिक आपराधिक घटनाएं राज्य में हों। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश जनता से किए अपने वायदों से बच नहीं सकते। उन्हें जनता को जवाब देना ही होगा कि क्या ऐसे राज्य का सपना उन्होंने जनता को दिखाया था। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि राज्य में व्यवसायी वर्ग से लेकर पत्रकार तक सुरक्षित नहीं रह गए हैं।

उन्होंने कहा कि मंत्रियों का अपराधियों से निकटता के कारण सत्ता का रूआब अब खत्म हो चुका है। अपराधियों के हौसले बुलंदी पर है। बिहार में अब विकास की नहीं, राजद शासनकाल की तरह नीतीश सरकार में भी अपराधियों की बहार है और यह कब थमेगी इसका जवाब तो नीतीश ही दे सकते हैं।