मां वैष्णों का भक्तों को बड़ा तोहफा, अब होगी यात्रा इतनी कम

नई दिल्ली ( 6 फरवरी ): माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। जम्मू से कटरा का रास्ता पहले दो घंटे का होता था जो अब तीन टनल की बदौलत 40 मिनट का रह गया है। 7 किमी लंबा ये रास्ता बालिनी ब्रिज से अर्द्धकुंवारी को जोड़ेगा। चेकिंग प्वाइंट और शेड का काम होते ही इसे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।

 

वैष्णोदेवी श्राइन बोर्ड के सीईओ अजीत कुमार साहू ने बताया कि श्रद्धालुओं में 80% पैदल यात्रा करते हैं। बाकी 6% हेलिकॉप्टर से और 14% घोड़े-पालकी से। नया रास्ता सिर्फ पैदल यात्रियों के लिए होगा। यहां घोड़े-पालकी बैन रहेंगे।

पुराने रास्ते की तुलना में नया रास्ता सिर्फ 500 मीटर छोटा होगा, लेकिन सुविधाएं कई हैं। रूट इतना चौड़ा होगा कि इमरजेंसी में एम्बुलेंस भी आसानी से आ-जा सके।

सबसे खास बात ये होगी कि रूट शुरू होने के बाद यात्री बाणगंगा से अर्द्धकुंवारी और हाथी मत्था की खड़ी और कठिन चढ़ाई से बच जाएंगे। इतना ही नहीं, जमीन पर एंटी स्किड टाइल्स भी लगाई जा रही हैं।

साथ ही स्लोप स्टैबेलाइजेशन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया गया है, ताकि चढ़ाई सरल रहे। अगले साल कटरा से भवन तक सामान ले जाने वाला रोप-वे और भवन से भैरवघाटी तक पैसेंजर ले जाने वाला रोपवे भी शुरू हो जाएगा। रास्तों को शेड से ढंका जा रहा है। ये इतने मजबूत हैं कि बारिश-धूप के साथ छोटे-मोटे पत्थरों को भी झेल सके।

परंपरागत रास्ते को 16 किमी तक शेड से ढंका जा चुका है। किनारे पर फेंसिंग भी की गई है, ताकि कोई गिरे नहीं और कचरा नहीं फैलाए। नए रास्ते पर घोड़े और पालकी आने की रोक होगी।