घाटी में स्कूलों को आग लगा रहे हैं आतंकी, नहीं चाहते बने जम्मू-कश्मीर के बच्चों का भविष्य

श्रीनगर (31 अक्टूबर): जम्मू-कश्मीर में आंतकी, असमाजिक तत्व और अलगाववादी लगातार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। अलगाववादी संगठन जहां स्कूल-कॉलेजों को बंद करवा रहे हैं। वहीं आतंकी और असमाजिक तत्व स्कूलों को आग के हवाले कर रहा है। घाटी में स्कूल और कॉलेजों को निशाना बनाने को लेकर स्थानीय लोगों के साथ-साथ केंद्र और महबूबा सरकार ने भी नाराजगी जाहिर की है। 

केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू के मुताबिक स्कूल को जलाना एक तरह की विकृत मानसिकता को दिखाता है। उन्होंने कहा कि कोई कैसे एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस को जला सकता है। 

वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दल्ला ने स्कूलों को जलाने की वारदात को बच्चों के भविष्य के साथ घिनौनी साजिश करार दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने में नाकामयाब साबित हुई है।

आपको बता दे कि रविवार को अनंतनाग जिले के एशमुकाम गांव में जवाहर नवोदय विद्यालय में आसमाजिक तत्वों ने आग लगाई दी थी। पिछले तीन महीनों में घाटी में 23 से ज्यादा स्कूलों को जला दिया गया है, वहीं हुर्रियत और अलगाववादी संगठनों ने यहां करीब साढ़े तीन महीनों से स्कूल और कॉलेजों को बंद करवा रखा है। गौरतलब है कि जिन स्कूलों में आग लगाई गई, उनमें से ज्यादातर सरकारी हैं और दक्षिण कश्मीर में हैं। स्कूल और कॉलेजों को निशाना बनाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। इस सिलसिले में घाटी में शनिवार को लोगों सड़कों पर भी उत्तरे और अपना विरोध दर्ज करवाया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि कुछ लोग स्कूल और कॉलेजों को बंद करवा कर हमारे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और हमारे गरीबी का फायदा उठा रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों के अभिभावकों ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी पर भी निशाना साधा। उन लोगों का कहना है कि जब गिलानी साहब की पोती परीक्षा दे सकती है तो आखिर उनके बच्चों का भविष्य क्यों खराब किया जा रहा है। आपको बता दें कि पिछले दिनों हुर्रियत के नेता सैयद अली शाह गिलानी की पोती को सुरक्षा में इम्तिहान दिलवाया गया। इसके बाद से लोगों में हुर्रियत के दोहरे चरित्र को लेकर भारी नाराजगी है। 

- हुर्रियत कान्फ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज मौलवी उमर फारुक ने आग लगाए जाने की घटना पर चिंता जताते हुए उन लोगों से सावधान रहने की अपील की जो आजादी आंदोलन को बदनाम करने में लगे हैं।

- केईए के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद यासिन खान ने भी घाटी में जारी स्कूल जलाए जाने की घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए दरगाह, मस्जिद और बाजारों में हो रही आग लगने की घटनाओं को किसी गहरी साजिश का हिस्सा करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं कश्मीर को एजुकेशनल और फाइनेंशियल लेवल पर तोड़ देंगी।

- हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर समस्या की जड़ को खोजना और उसके हल के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "हमने यह बार-बार कहा है कि कोई भी आदमी एजुकेशन की अहमियत को नकार नहीं सकता।"