ढेर होने से पहले ये थे आतंकी अबु दुजाना के आखिरी शब्द

नई दिल्ली(3 अगस्त): जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया लश्कर कमांडर अबु दुजाना ने सेना के अधिकारियों को आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया था। उसने सेना के अधिकारियों को यह भी कहा कि वह अपने पीछे गिलगित-बल्टिस्तान में अपने माता-पिता को जिहाद के लिए छोड़कर जा रहा है। 

- एक अंग्रेजी अखबार को आर्मी और अबु दुजाना के बीच हुई बातचीत का पता चला है। 

- आर्मी ने एक कश्मीरी नागरिक के जरिए अबु दुजाना से बात करने की कोशिश की थी। दुजाना एकदम शांतिपूर्वक बात करता हुआ सुनाई दे रहा है। जब कश्मीरी नागरिक से उसने कुछ बात शुरू की तो कश्मीरी ने फोन अधिकारी को दे दिया। दुजाना ने अधिकारी से पूछा, 'क्या हाल है? मैंने कहा, क्या हाल है?' इसके बाद आर्मी ऑफिसर ने दुजाना से कहा, 'हमारा हाल छोड़ दुजाना, तू सरेंडर क्यों नहीं कर देता। तेरी इस लड़की से शादी हुई है और तू जो इसके साथ कर रहा है वह ठीक नहीं है।' 

- आर्मी ऑफिसर दुजाना से कहता है उसे पाकिस्तानी एजेंसियां इस्तेमाल कर रही हैं और वह मासूम कश्मीरियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है लेकिन इसके बाद भी दुजाना उद्दंड बना रहा। 

- दुजाना ने कहा, 'हम निकले थे शहीद होने, मैं क्या करूं। जिसको गेम खेलना है खेले, कभी हम आगे, कभी आप। आज आपने पकड़ लिया, मुबारक हो आपको। जिसको जो करना है कर लो।' उसने आगे आर्मी ऑफिसर से कहा, 'मैं सरेंडर नहीं कर सकता। जो मेरी किस्मत में लिखा है वही होगा। अल्लाह वही करेगा, ठीक है।'

- हालांकि भारतीय सेना के अधिकारी ने दुजाना से यह भी कहा कि वह अपने माता-पिता के बारे में सोचे लेकिन उसके ऊपर इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ा। उसने कहा, 'मां-बाप तो उस दिन मर गए जिस दिन मैं उनको छोड़कर आया।' 

- भारतीय सेना के अधिकारियों ने यह भी कहा कि वह पाकिस्तान से घुसपैठ कर आए आतंकियों को जान से नहीं मारना चाहते। उन्होंने दुजाना यह भी कहा कि अल्लाह नहीं चाहता कि किसी को कोई नुकसान पहुंचे। 

- सेना अधिकारियों ने दुजाना से कहा, 'अल्लाह सबके लिए एक जैसा है।' हालांकि इसके जवाब में उसने सेना अधिकारी से कहा, 'अगर अल्लाह मेरे और तुम्हारे लिए एक जैसा है तो आओ, घर के भीतर मुझसे मुलाकात करो।' उसने यह भी कहा कि उसे पूरा 'खेल' समझ में आ रहा है कि उसे पाकिस्तानी एजेंसियों ने मोहरा बनाया है। उसे ट्रेनिंग में यह भी भरोसा दिलाया गया था कि अगर उसने सरेंडर कर दिया तो उसे जन्नत में 72 हूरें नहीं मिलेंगी।