आतंकी हमले में शहीद का बेटा बोला, पापा ईद पर घर आने का वादा आपने क्यों तोड़ दिया?

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 13 जून ): कांस्टेबल गुलाम हसन वगाय और गुलाम रसूल लोन अपने बेटे से ईद पर घर आने का वादा किया था। लेकिन दोनों जवान देश की सुरक्षा करते वक्त शहीद हो गए। शायद वे अब कभी अपने बच्चों से ये वादा नहीं निभा पाएंगे।कांस्टेबल गुलाम हसन वगाय और गुलाम रसूल लोन ने अपने बच्चों से वादा किया था कि इस बार वो ईद पर जरूर घर आएंगे। लेकिन ईद से पहले दोनों का पार्थिव शरीर तिरंगे लपटा हुआ उनके घर पहुंचा। बच्चे अपने पिता से बार-बार पूछ रहे थे कि उन्होंने ईद पर आने का वादा किया था, तो अब अकेला क्यों छोड़ दिया?जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों से लड़ते हुए कांस्टेबल गुलाम हसन वगाय और गुलाम रसूल लोन शहीद हो गए। पुलवामा स्थित कोर्ट कॉपलेक्स में आतंकियों ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों कांस्टेबल शहीद हो गए। दोनों ही कांस्टेबल इस बार ईद पर अपने घर आने वाले थे, लेकिन अब उनके बच्चे बस चौखट पर अपने पिता की राह ताकते रह जाएंगे। त्योहार से ठीक पहले दोनों कांस्टेबल अपने-अपने घर पहुंचे, लेकिन चार कंधों पर।सोशल मीडिया पर हसन वगाय के बेटे का वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है जिसमें वो अपने पिता से बार-बार पूछ रहे हैं कि क्यों उन्होंने अपना वादा तोड़ा? 'आपने अपना वादा क्यों तोड़ा पापा? आपने क्यों हमें अकेला छोड़ दिया? क्या आपने नहीं कहा था कि आप ईद पर घर आएंगे?'शहीद कांस्टेबल वगाय के बेटे की हालत देख कर वहां खड़ा हर शख्स रो पड़ा। हर कोई उसे संभालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बेटे को अपने पिता की फिक्र थी। वो अपने पिता से बार-बार पूछ रहा था, 'क्या आपकी गर्दन दुख रही हैं? मैं मसाज कर देता हूं।'बारामूला के राफियाबाद के रहने वाले वगाय के परिवार में अब बस पत्नी और तीन बेटे बचे हैं। उनका सबसे बड़ा बेटा 22 साल का, दूसरा 19 और सबसे छोटा 13 साल का है। वगाय की ही तरह रसूल लोन भी ईद पर अपने घर आने वाले थे, लेकिन उनके परिवार की भी अब सभी ईद उनके बिना ही बीतेगी।