जम्मू-कश्मीर: ''सेना की जीप से बांधे गए अहमद डार को 10 लाख का मुआवजा दे सरकार''

नई दिल्ली (10 जुलाई): जम्मू कश्मीर मानवाधिकार आयोग ने बीजेपी-पीडीपी की सरकार को फारूक अहमद डार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा है। गौरतलब है कि फारुक अहमद डार वही हैं, जिन्हें पत्थरबाजों से निपटने के लिए सेना जीप के बोनट से बांधकर ढाल की तरह इस्तेमाल किया था। घाटी में पत्थरबाजों के बीच घिरे सेना के जवानों को बचाने के लिए मेजर नितिन लितुल गोगोई ने डार को जीप के बोनट से बांधने का फैसला लिया था।


मेजर के इस फैसले के बाद विवाद बढ़ गया था। राजनीतिक पार्टियों के साथ बौद्धिक वर्ग ने भी मेजर गोगोई के फैसले पर सवाल उठाया था। हालांकि विवादों के बीच सेना प्रमुख बिपिन रावत ने मेजर गोगोई का खुलकर समर्थन किया था और कहा था कि जवानों को पत्थरबाजों के बीच मरने के लिए नहीं छोड़ सकते। मेजर और सेना प्रमुख को केंद्र सरकार और बीजेपी का भी पूरा समर्थन मिला।


आयोग के आदेश के बाद मेजर गोगोई के डार को जीप के बोनट से बांधने के फैसले पर बार फिर विवाद उठने की आशंका है, क्योंकि आयोग के फैसले के बाद यह साबित हो गया है कि फारूक अहमद डार पीड़ित हैं। हालांकि सेना डार को पत्थरबाज कहती रही है और बीजेपी खुलकर सेना के समर्थन में है।