सुप्रीम कोर्ट में आर्टिकल 35A पर आज सुनवाई

नई दिल्ली(30 अक्टूबर): जम्मू कश्मीर को मिले विशेषाधिकार अनुच्छेद 35ए पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की एक विशेष बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के अलावा जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अजय माणिकराव खानविलकर शामिल हैं।

- दरअसल अनुच्छेद 35ए भारतीय संविधान में एक 'प्रेंसीडेशियल आर्डर' के जरिये 1954 में जोड़ा गया था। यह राज्य विधानमंडल को कानून बनाने की कुछ विशेष शक्तियां देता है। इसमें वहां की विधानसभा को स्थायी निवासियों की परिभाषा तय करने का अधिकार मिलता है, जिससे अन्य राज्यों के लोगों को कश्मीर में जमीन खरीदने, सरकारी नौकरी करने या विधानसभा चुनाव में वोट करने पर रोक है। 

- इस कानून के खिलाफ दिल्ली स्थित एनजीओ 'वी द सिटीजन' ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर इसे खत्म करने की अपील की थी। इस याचिका में कहा गया कि अनुच्छेद 35ए के कारण संविधान प्रदत्त नागरिकों के मूल अधिकार जम्मू-कश्मीर में छीन लिए गए हैं, लिहाजा राष्ट्रपति के आदेश से लागू इस धारा को केंद्र सरकार फौरन रद्द करे। 

- सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर अगस्त माह में सुनवाई करते हुए मामले को 6 हफ्ते के लिए टाल दिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि बेंच अनुच्छेद 35ए और अनुच्छेद 370 की सैंविधानिकता की जांच करेगी और इसके तहत मिलने वाला स्पेशल स्टेटस का दर्जा का भी रिव्यू होगा। वहीं जम्मू-कश्मीर सरकार ने कोर्ट में कहा है कि 2002 में इस मुद्दे पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था, जिससे यह मामला सेटल हो गया था।