VIDEO: आपकी खून पसीने की कमाई पर मौज कर रहे हैं आतंकवादी

नई दिल्ली (15 जुलाई):क्या आपने कभी सोचा है कि कश्मीर की जेलों में वर्षों बंद रहने के बाद भी बिट्टा कराटे, मर्सरत आलम, यासीन मलिक, आसिया अंद्राबी जैसे अलगाववादी नेताओं की सेहत पर फर्क क्यों नहीं पड़ा? देश के खिलाफ साजिश रचने वाले कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी और पत्थरबाज बार-बार जेल जाने के बाद भी क्यों नहीं सुधरते? क्या कश्मीर की जेलों में कैदियों को घर जैसी सुविधा या घर से बेहतर सुविधाएं मिलती है जिससे जेल से निकलने के बाद ज्यादातर कैदियों का वजन बढ़ जाता है?


हम आपको एक ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं जो बरसों पुरानी हकीकत है, लेकिन किसी का भी ध्यान इस तरफ नहीं गया। जिस देश के गरीब की थाली की कीमत 25-30 रुपए आंकी जाती है, वहां जेल में बंद खतरनाक आतंकवादियों, अलगाववादियों और पाकिस्तान परस्तों को रोज 110 रुपए से भी ज्यादा की थाली दी जी रही है।

यह जानकार आपका ही नहीं हर हिंदुस्तानी का खून खौल जाएगा कि जहां जेल में बंद आतंकवादियों के एक दिन के खाने पर सरकार 110 रुपए खर्च कर रही है, तो वहीं एक फौजी अफसर के रोज के राशन पानी की कीमत सिर्फ 96 रुपए आंकी गई है। आतंक से लड़ रहे हिंदुस्तान में इतना बड़ा भेदभाव क्यों है।


सरकारी आंकड़ों की कलई खोलती है न्यूज 24 की यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। देश के खिलाफ गद्दारी और साजिश करने वाले कैदियों की तुलना में फौज और पैरा-मिलिट्री के जवानों को कम राशन-पानी मिलता है। आखिर जम्मू-कश्मीर की जेलों को किसने पत्थरबाजों और आतंकियों के लिए स्वर्ग बनाया? क्या देश के खिलाफ साजिश करनेवालों को जेल में 36 भोग पसोसा जाना चाहिए?

     

National Crime Record Bureau के 2015 के आंकड़े बताते हैं कि जम्मू कश्मीर उन गिने चुने राज्यों में से एक है जहां हर दिन कैदियों पर 110 रुपए से ज्यादा सिर्फ खाने पर खर्च हो रहा है और बाकी सुविधाएं अलग से दी जा रही हैं।


पिछले 24 साल से जम्मू-कश्मीर की जेल में बंद फकतू जमीयत-उल-मुजाहिदीन का पूर्व कमांडर है और अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी का पति भी है। कासिम फकतू की तरह ही मर्सरत आलम, यासीन मलिक, सरजन बरकती, मीर हाफिज उल्ला जैसे अलगावादियों का जेल से लंबा रिश्ता है।


2015 के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक एक कैदी पर

दिल्ली में 31 रुपये 31 पैसे


गोवा में 32 रुपये 83 पैसे


महाराष्ट्र में 34 रुपये 22 पैसे


गुजरात में 35 रुपये 38 पैसे


कर्नाटक में 76 रुपये 76 पैसे


सिक्किम में  80 रुपये 77 पैसे खर्च होते हैं, तो वहीं जम्मू-कश्मीर में सरकार कैदियों को खिलाने पर रोजाना 110 रुपये 33 पैसे खर्च करती है ।


राजस्थान, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों में भी कैदियों को खिलाने पर सरकार ज्यादा खर्च नहीं करती है। हिंदुस्तान में कैदियों को खिलाने पर सरकार का औसत खर्च 52 रुपये 42 पैसे है। मतलब, जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद आतंकवादियों और पत्थरबाजों को खिलाने पर पूरा ध्यान दिया जाता है। दिल्ली, गोवा और महाराष्ट्र के कैदियों से तीगुनी बड़ी थाली परोसी जाती है।


देखिए न्यूज 24 की यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट